चेन्नई , सितंबर 15 -- मद्रास उच्च न्यायालय ने तमिलगा वेट्री कझगम (टीवीके) नेता एवं तमिलनाडु के मंत्री के.ए. सेंगोत्तैयन के खिलाफ दायर चुनावी याचिका मंगलवार को खारिज कर दी।
श्री सेंगोत्तैयन 23 अप्रैल को हुए चुनावों में गोबिचेट्टीपलयम विधानसभा क्षेत्र से रिकॉर्ड नौवीं बार जीत हासिल की थी।
न्यायमूर्ति जीके इलंथिराययन ने एआईडीएमके (अन्नाद्रमुक) के पराजित उम्मीदवार वी.बी. प्रभु की याचिका खारिज कर दी।
न्यायालय ने राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री और टीवीके के मुख्य समन्वयक सेंगोत्तैयन की उस याचिका को स्वीकार कर लिया था जिसमें उनकी चुनावी जीत को चुनौती देने वाली याचिका को खारिज करने की मांग की गई थी।
अन्नाद्रमुक के पूर्व कद्दावर नेता सेंगोत्तैयन ( जो चुनाव से पहले अन्नाद्रमुक को छोड़कर टीवीके में शामिल हो गये थे) ने अपने गृह जिले इरोड के गोबिचेट्टीपलयम निर्वाचन क्षेत्र से 16,620 वोटों के अंतर से जीत हासिल की। उन्हें 82,612 वोट मिले, जबकि प्रभु को 56,232 वोट मिले और वे तीसरे स्थान पर रहे। डीएमके उम्मीदवार एन . नल्लासिवम 65,992 वोटों के साथ दूसरे स्थान पर रहे, और 'नाम तमिलर काची' की एमके . सीतालक्ष्मी 8,137 वोटों के साथ उनके बाद रहीं।
श्री सेंगोत्तैयन 1980, 1984, 1989, 1991 में लगातार जीत के बाद और फिर 2006, 2011, 2016, 2021 और 2026 के चुनावों में लगातार पांच बार जीत हासिल कर रिकॉर्ड नौवीं बार विधानसभा के लिए चुने गये।
प्रभु ने सेंगोत्तैयन की जीत को चुनौती देते हुए अदालत में अर्ज़ी दी कि उनके नामांकन पत्र स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए था ,क्योंकि जिस नोटरी वकील ने दस्तावेजों को सत्यापित किया था, उनका लाइसेंस अवधिपार (एक्सपायर) हो चुका था।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित