चेन्नई , जुलाई 10 -- मद्रास उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को चुनाव आयोग (ईसीआई) को तमिलनाडु की पांच विधानसभा सीटों पर उपचुनाव कराने से तब तक के लिए रोक दिया, जब तक कि इन सीटों से जीतने वाले उम्मीदवारों के खिलाफ दायर चुनाव याचिकाओं का निपटारा नहीं हो जाता।

इसके साथ ही अदालत ने नोटिस जारी कर 31 जुलाई तक जवाब मांगा है।

त्रिची ईस्ट, करूर, अंबासमुद्रम, विरालीमलै और पेरुंदुरई विधानसभा सीटों के लिए उपचुनावों की घोषणा पर रोक लगायी गयी है, हालांकि मदुरंतकम और धारापुरम सहित सात सीटें खाली हुई थीं।

इन सात सीटों में से छह सीटें अन्नाद्रमुक के पास थीं और एक सीट तमिलगा वेत्रि कषगम (टीवीके) संस्थापक अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री विजय के पास थी।

दक्षिणी तिरुनेलवेली जिले के पलमकोट्टई निवासी के वेंकटचलापति की दायर याचिका पर अंतरिम आदेश पारित करते हुए मुख्य न्यायाधीश एसए धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पहली पीठ ने चुनाव आयोग, केंद्र सरकार, तमिलनाडु विधानसभा सचिव और मुख्यमंत्री विजय को भी नोटिस जारी कर 31 जुलाई तक उनका जवाब मांगा है।

इन पांच सीटों से जीतने वाले उम्मीदवारों की जीत को चुनौती देते हुए चुनाव याचिकाएं दायर की गयी थीं।

जहां त्रिची ईस्ट सीट विजय के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी, जिन्होंने दो सीटों से जीत हासिल की थी और चेन्नई की पेरम्बूर सीट को अपने पास रखने का फैसला किया था, वहीं अंबासमुद्रम सीट मौजूदा विधायक इसक्की सुब्बैया के कारण खाली हुई थी और पेरुंदुरई सीट मौजूदा विधायक एस जयकुमार के पद छोड़ने के बाद खाली हुई थी। करूर और विरालीमलै सीटें क्रमशः मौजूदा सदस्यों और पूर्व अन्नाद्रमुक मंत्रियों एमआर विजयभास्कर और डॉ सी विजयभास्कर के इस्तीफे से खाली हुईं।

मदुरंतकम और धारापुरम सीटें अन्नाद्रमुक विधायकों सुश्री मरगाथम कुमारवेल और श्री पी सत्यभामा के पद छोड़ने के बाद खाली हुईं। अन्नाद्रमुक के जिन छह विधायकों ने पार्टी ह्विप का उल्लंघन करते हुए विधानसभा में श्री विजय के पेश विश्वास मत के समर्थन में मतदान करने के बाद अपनी सीटों से इस्तीफा दे दिया था, वे टीवीके में शामिल हो गये हैं।

इस्तीफों के बाद अन्नाद्रमुक ने विधानसभा अध्यक्ष जेसीडी प्रभाकर से याचिका दायर कर सुश्री मरगाथम कुमारवेल, सुश्री सत्यभामा, श्री जयकुमार और श्री इसक्की सुब्बैया के इस्तीफे स्वीकार न करने का अनुरोध किया, क्योंकि उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही लंबित थी।

ये छह पूर्व विधायक उन 25 बागी विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने विश्वास मत के दौरान टीवीके सरकार के पक्ष में मतदान किया था। अन्नाद्रमुक ने हालांकि उनमें से 21 की मांगी माफी स्वीकार कर ली थी। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनके खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही समाप्त कर दी गयी है, जबकि चार अन्य के संबंध में इसे शुरू किया गया था।

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