नैनीताल/लालकुआं , अप्रैल 21 -- उत्तराखंड में लालकुआं क्षेत्र स्थित मदरसन कंपनी में श्रमिकों और प्रबंधन के बीच चल रहा विवाद मंगलवार को समाप्त हो गया।
जिला प्रशासन, श्रम विभाग और नैनीताल पुलिस की संयुक्त मध्यस्थता के बाद श्रमिकों ने अपना अनशन समाप्त कर काम पर लौटने का निर्णय लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्रमिकों की मांगों को लेकर चल रहे धरना-प्रदर्शन के बीच प्रशासन और संबंधित पक्षों के बीच कई दौर की वार्ता हुई। इन वार्ताओं में उपजिलाधिकारी (एसडीएम), श्रम विभाग के अधिकारी, नैनीताल पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी, कंपनी प्रबंधन के प्रतिनिधि तथा श्रमिक प्रतिनिधि शामिल रहे।
इस दौरान श्रमिकों द्वारा रखी गई 14 प्रमुख मांगों में से 12 मांगों को प्रबंधन ने तत्काल स्वीकार कर लिया, जबकि शेष दो मांगों पर शासन स्तर से कार्रवाई का आश्वासन दिया गया है। वार्ता सफल होने के बाद सभी श्रमिकों ने फैक्ट्री में वापसी कर ली है और बुधवार से कार्य सुचारू रूप से शुरू होने की बात कही गई है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. मंजुनाथ टीसी ने श्रमिकों के धैर्य और अनुशासन की सराहना करते हुए कहा कि प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में रही। उन्होंने कहा कि पुलिस श्रमिकों की जायज मांगों के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है।
इस बीच पुलिस ने श्रमिकों की आड़ में माहौल बिगाड़ने की कोशिश कर रहे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। पुलिस के अनुसार, कुछ बाहरी तत्वों द्वारा हिंसा भड़काने, तोड़फोड़ और आगजनी की साजिश रची जा रही थी, जिसे समय रहते विफल कर दिया गया।
इस संबंध में पुलिस कार्य में बाधा डालने, बैरियर तोड़ने और श्रमिकों को उकसाने के आरोप में 20-30 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि औद्योगिक क्षेत्रों में अशांति फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यक होने पर गुंडा एक्ट व गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
पुलिस प्रशासन ने कहा कि जनपद में कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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