लुधियाना , अगस्त 22 -- गुरु अंगद देव पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्वविद्यालय के कॉलेज ऑफ फिशरीज में शनिवार को राष्ट्रीय कृषि विस्तार प्रबंधन संस्थान ( मैनेज) के फिशरीज इनोवेशन एंड स्टार्टअप हब (फिशुब), हैदराबाद द्वारा 'एक्वा युवा' फिशरीज एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट (एफई डी) कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य उभरते मत्स्य पालन पेशेवरों और युवाओं को अंतरदेशीय मत्स्य क्षेत्र में उपलब्ध विभिन्न उद्यमिता अवसरों से अवगत करवाना था। कार्यक्रम में करीब 50 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। फिशुब के निदेशक (कृषि विस्तार) एवं मैनेज-फिशुब के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) डॉ सरवनन राज ने प्रतिभागियों को 'एक्वा युवा' कार्यक्रम के उद्देश्यों और युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा देने में इसकी भूमिका के बारे में जानकारी दी। उन्होंने सफल व्यावसायिक मॉडल विकसित करने के लिए फिशुब की ओर से चलाये जा रहे अन्य कार्यक्रमों और नेटवर्किंग एवं सहयोग के अवसरों से भी अवगत करवाया।
कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों ने 'फार्म टू फोर्क' फिशरीज वैल्यू चेन में उपलब्ध उद्यमिता के विभिन्न विकल्पों पर जानकारी हासिल की। इसके अलावा अवसर, जरूरत, तकनीक, भौगोलिक परिस्थितियों, सामाजिक पहलुओं, महिला एवं ग्रामीण उद्यमिता से जुड़े प्रस्ताव तैयार करने के लिए समूह गतिविधियों में भाग लिया।
प्रतिभागियों ने मत्स्य क्षेत्र में मांग और आपूर्ति श्रृंखला, प्रमुख कमियों तथा संभावित विकास क्षेत्रों का आकलन भी किया। समूह गतिविधियों के दौरान उत्पाद ब्रांडिंग, स्मार्ट पैकेजिंग और नये प्रचार मॉडल से संबंधित मार्केटिंग के कई नये विचार सामने आये।
विशेषज्ञों ने उद्यमशील सोच विकसित करने, अंतरदेशीय मत्स्य संसाधनों एवं भविष्य की संभावनाओं, बिजनेस मॉडल कैनवास तथा बिजनेस प्लान तैयार करने जैसे विषयों पर भी जानकारी दी। इन सत्रों का उद्देश्य युवाओं में आत्मनिर्भर उद्यम स्थापित करने का विश्वास पैदा करना था।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के निदेशक विस्तार शिक्षा डॉ आर. एस. ग्रेवाल ने युवाओं से उद्यमिता के क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा अपने उद्यम स्थापित कर रोजगार के नये अवसर पैदा करने के साथ-साथ राज्य और देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में योगदान दे सकते हैं।
डॉ ग्रेवाल ने कहा कि भविष्य उद्यमिता और नये स्टार्टअप का है। उन्होंने प्रतिभागियों को पारंपरिक सोच से आगे बढ़कर मजबूत बहुआयामी नेटवर्क विकसित करने तथा आधुनिक मत्स्य आधारित या मत्स्य क्षेत्र से जुड़े नये उद्यम स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया।
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