जयपुर , अक्टूबर 28 -- अखिल भारतीय महिला कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष अलका लांबा ने बुधवार को कहा कि चुनाव आयोग एक संवैधानिक संस्था है , जिसकी निष्पक्षता में जनता का विश्वास बनाए रखना आवश्यक है और विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) एवं मतदाता सूची से संबंधित शिकायतों पर तथ्यों के आधार पर जवाब दिया जाना चाहिए।

सुश्री लांबा ने आज यहां प्रेस वार्ता में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की कांग्रेस की मांग दोहराते हुए कहा कि चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर उठ रहे सवालों का संतोषजनक समाधान होना चाहिए। लोकतंत्र में जनता के जनादेश और मताधिकार की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट है। मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना जरूरी है, लेकिन यह भी उतना ही जरूरी है कि इस प्रक्रिया में किसी पात्र नागरिक का नाम गलत तरीके से न छूटे और कोई भी व्यक्ति अपने मताधिकार से वंचित न हो। चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित करने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी हो।

उन्होंने कहा कि राजस्थान में एसआईआर के आंकड़े गंभीर सवाल उठाते हैं। राजस्थान के मुख्य निर्वाचन अधिकारी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार गत वर्ष 27 अक्टूबर को राज्य में पांच करोड़46 लाख 56 हजार 215 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद 16 दिसंबर को प्रकाशित प्रारूप मतदाता सूची में पांच करोड़ चार लाख 71 हजार 324 मतदाता शामिल थे। इस प्रकार प्रारूप सूची में 41 लाख 84 हजार 891 नाम शामिल नहीं थे। निर्वाचन विभाग के आंकड़ों में इन नामों की श्रेणियां बतायी गयी जिनमें लगभग 8.75 लाख नाम मृत मतदाताओं की श्रेणी में रखे गये। लगभग 29.6 लाख नाम स्थानांतरित या अनुपस्थित मतदाताओं की श्रेणी और लगभग 3.44 लाख नाम एक से अधिक स्थानों पर पंजीकृत होने की श्रेणी में रखे गये।

उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों की पारदर्शी जांच और पात्र मतदाताओं के नामों का सत्यापन बेहद जरूरी है। स्थानांतरित या अनुपस्थित पाए जाने का अर्थ अपने आप यह नहीं है कि कोई व्यक्ति मतदाता बनने के योग्य नहीं है। चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वास्तविक और पात्र मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने तथा अपना नाम सूची में शामिल कराने का पूरा अवसर मिले। उन्होंने कहा कि इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि मतदाता सूची की प्रक्रिया लगातार समीक्षा और सुधार की मांग करती है। कांग्रेस की मांग है कि प्रत्येक जिले में नाम हटाने के कारणों, सत्यापन की स्थिति, शिकायतों के निस्तारण और दोबारा जोड़े गये पात्र मतदाताओं की जानकारी सार्वजनिक की जाए। उन्होंने कहा "हमारी मांग स्पष्ट है कि हर पात्र नागरिक का वोट सुरक्षित हो, मतदाता सूची में पारदर्शिता हो और हर गंभीर शिकायत का निष्पक्ष निस्तारण हो।"उन्होंने कहा कि महिला कांग्रेस मतदाता जागरूकता बढ़ाने और महिलाओं सहित सभी पात्र नागरिकों को अपना नाम मतदाता सूची में जांचने के लिए प्रोत्साहित करेगी। उन्होंने राजस्थान की जनता से एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'चलो दिल्ली - वोट चोर, गद्दी छोड़' महारैली में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मतदाता अधिकारों, पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही के लिए आवाज उठाने का अवसर है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित