रायपुर , अक्टूबर 13 -- छत्तीसगढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. विजयशंकर मिश्रा ने मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया को लेकर पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर द्वारा उठाए गए सवालों को खारिज करते हुए मंगलवार को कहा कि कांग्रेस संवैधानिक संस्थाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाकर जनता में भ्रम पैदा करने का प्रयास कर रही है।
डॉ. मिश्रा ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण की प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और निर्धारित नियमों के अनुरूप पारदर्शी तरीके से पूरी की गई है। उन्होंने दावा किया कि स्थानांतरित, अनुपस्थित और अन्य श्रेणियों के मतदाताओं की सूची जिला, विधानसभा और मतदान केंद्र स्तर पर पहले ही उपलब्ध करा दी गई थी। इन सूचियों को भाजपा और कांग्रेस, दोनों दलों के बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (बीएलए) ने स्वीकार किया था।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि इससे संबंधित दस्तावेज कलेक्ट्रेट, मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी कार्यालय और निर्वाचन आयोग के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब आयोग ने दावा-आपत्ति दर्ज कराने के लिए निर्धारित समय दिया था, तब पूर्व मंत्री मोहम्मद अकबर ने आपत्तियां क्यों नहीं उठाईं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद इस पर सवाल उठाने का औचित्य क्या है।
डॉ. मिश्रा ने आरोप लगाया कि चुनावी पराजय के बाद कांग्रेस अपनी राजनीतिक विफलताओं के लिए संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि मतदाताओं के अधिकारों की रक्षा के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर उपलब्ध था, लेकिन कांग्रेस अब इस मुद्दे को राजनीतिक विवाद का विषय बना रही है।
उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और भाजपा लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं तथा संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करती है। कांग्रेस को भी मतदाता सूची से संबंधित आपत्तियों के समर्थन में प्रमाण प्रस्तुत करने चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता ने कांग्रेस से जनभावनाओं का सम्मान करने और मतदाता सूची पुनरीक्षण को लेकर भ्रम पैदा करने वाली बयानबाजी बंद करने की अपील की।
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