स्नेहल सेनगुप्ता सेकोलकाता , अप्रैल 28 -- भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष समिक भट्टाचार्या ने तृणमूल कांग्रेस को 'जीवित अवशेष' मात्र बताते हुए कहा है कि यह चुनाव 'आम जनता बनाम ममता' की लड़ाई बन चुका है।
पश्चिम बंगाल चुनाव के पहले चरण में हुए भारी मतदान को 'अभूतपूर्व' बताते हुए श्री भट्टाचार्या ने कहा कि 93.19 प्रतिशत मतदान इस बात का साफ इशारा है कि ममता बनर्जी अब सत्ता से जा रही हैं।
श्री भट्टाचार्या ने 'यूनीवार्ता' से बातचीत में कहा, "ममता बनर्जी की विदाई तय है। इतनी बड़ी संख्या में हुआ मतदान सत्ता विरोधी लहर को दिखाता है। यही माहौल चुनाव के दूसरे चरण में भी बना रहेगा। हमें भरोसा है कि हम बंगाल में बड़ी जीत हासिल करेंगे और चार मई को सरकार बनाएंगे।"पश्चिम बंगाल में दो चरणों के विधानसभा चुनाव के तहत पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को हुआ था और दूसरे चरण की वोटिंग बुधवार को होगी और नतीजों की घोषणा चार मई को की जाएगी।
भाजपा के चुनावी अभियान के मुख्य मुद्दे 'घुसपैठियों' पर बात करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राज्य के कई सीमावर्ती जिलों की 'आबादी और संरचना' में अब तक बहुत बड़ा बदलाव आ चुका है।
पश्चिम बंगाल की बांग्लादेश के साथ लगभग 2,216 किलोमीटर लंबी सीमा लगती है, जो किसी भी भारतीय राज्य की सबसे लंबी अंतरराष्ट्रीय थल और नदी सीमा है।
श्री भट्टाचार्या ने आरोप लगाया, "बंगाल के सीमावर्ती जिलों की पूरी जनसांख्यिकी बदल गई है। इसमें कोई शक नहीं है कि तृणमूल ने सिर्फ वोट बैंक की राजनीति के लिए घुसपैठियों को बढ़ावा दिया और देश की सुरक्षा को खतरे में डाला है।"भाजपा नेता ने कोलकाता के बारे में कहा कि एक 'सच्चा कोलकातावासी' होने के नाते उन्हें यह देखकर बहुत दुख होता है कि यह शहर अपनी पुरानी चमक खोकर सिर्फ एक परछाईं बनकर रह गया है। उन्होंने कहा, "कोलकाता के गरियाहाट, जोधपुर पार्क या साल्ट लेक जैसे किसी भी नामी इलाके में जाइए, वहां आपको सिर्फ बुजुर्ग मिलेंगे क्योंकि युवा नौकरी की तलाश में शहर छोड़ चुके हैं। तृणमूल के सालों के कुशासन ने राज्य के युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है।"शासन में बदलाव की मांग करते हुए श्री भट्टाचार्या ने कहा कि पश्चिम बंगाल विकास के हर पैमाने पर दूसरे राज्यों से पिछड़ गया है। उन्होंने बेरोजगारी और युवाओं के पलायन को राज्य की सबसे बड़ी चुनौती बताया। उन्होंने जोर देकर कहा, "भाजपा का मतलब ही विकास है। इस बार मतदाता डर की राजनीति के ऊपर विकास को ही चुनेंगे।"श्री भट्टाचार्या ने कहा, "तृणमूल ने जो डर का माहौल बनाया था, वह इस बार नहीं चला। हमने अपने घोषणापत्र में वादा किया है कि महिलाओं को नकद सहायता के रूप में 3,000 रुपये देंगे। हमारा लक्ष्य बड़े उद्योग लगाना है ताकि हजारों बेरोजगारों को काम मिल सके।"भाजपा नेता ने राज्य के 'खराब बुनियादी ढांचे' को ठीक करने का वादा करते हुए कहा कि हम केवल डिवाइडरों को सफेद-नीले रंग से रंगने के बजाय सड़कों और जन सुविधाओं को सच में बेहतर बनाने पर ध्यान देंगे।
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