इम्फाल/उख्रुल , मई 29 -- मणिपुर के उख्रुल जिले में लेइंगांगचिंग और टीएस कसोम के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-202 पर संदिग्ध सशस्त्र बदमाशों ने मालवाहक वाहनों कथित गोलीबारी की, जिसमें पश्चिम बंगाल के एक ट्रक चालक की मौत हो गई और एक पुलिसकर्मी घायल हो गया।

पुलिस के मुताबिक, इम्फाल-उख्रुल राजमार्ग पर जारी तनाव और नाकेबंदी के प्रयासों के बीच आवश्यक वस्तुओं से लदे ट्रक सुरक्षा घेरे में इम्फाल से उख्रुल की ओर जा रहे थे। कुकी संगठनों ने राजमार्ग पर नाकेबंदी कर रखी थी, जिसके कारण उख्रुल और कामजोंग जिलों में आवश्यक आपूर्ति की कमी हो गई थी। राजमार्ग को खाली कराने के बाद मालवाहक वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया था। जब काफिला लिटान क्षेत्र में पहुंचा, तो प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थरों और जलते हुए टायरों का उपयोग करके सड़क को अवरुद्ध कर दिया। सुरक्षा बलों ने बाद में इन बाधाओं को हटा दिया, जबकि कुछ महिला प्रदर्शनकारी राजमार्ग को अवरुद्ध करती रहीं।

पुलिस ने बताया कि नाकेबंदी कर रहे प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षाकर्मियों ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इस हंगामे के बाद कई लदे हुए ट्रक और अन्य मालवाहक वाहन राजमार्ग के विभिन्न हिस्सों में फंसे रहे। स्थिति तब हिंसक हो गयी, जब संदिग्ध सशस्त्र आतंकवादियों ने काफिले पर कथित रूप से अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसमें पश्चिम बंगाल के हुगली के रहने वाले नितिन दास नामक एक ट्रक चालक की मौत हो गयी। इस घात लगाकर किये गए हमले के दौरान बिसिंगम मारिंगमई नामक एक पुलिसकर्मी के घुटने में भी गोली लगी। क्षेत्र में तनाव बरकरार रहने के कारण स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तुरंत मौके पर भेजा गया।

मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने इस हमले की कड़ी निंदा की और ट्रक चालक की हत्या को कायरतापूर्ण कृत्य बताया। शोक संतप्त परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि आवश्यक वस्तुओं का परिवहन करने वाले चालक पूरे राज्य में माल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह हमला कथित तौर पर "स्वार्थी तत्वों" द्वारा मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के राज्य सरकार के प्रयासों को पटरी से उतारने के इरादे से किया गया था। उन्होंने घायल पुलिस कांस्टेबल के शीघ्र स्वस्थ होने की भी प्रार्थना की और जानकारी दी कि हमले के लिए जिम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए आसपास के इलाकों में तलाशी और घेराबंदी अभियान चलाया जा रहा है।

इम्फाल को उख्रुल जिले से जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण जीवन मार्ग, इम्फाल-उख्रुल मार्ग, राज्य में जारी जातीय तनाव के बीच हाल के महीनों में हिंसा और नाकेबंदी की बार-बार होने वाली घटनाओं का गवाह रहा है। इससे पहले इसी साल अप्रैल में, इम्फाल से उख्रुल की ओर यात्रा करते समय एन.एच.-202 पर टीएम कसोम गांव के पास संदिग्ध आतंकवादियों द्वारा घात लगाकर किए गये हमले में एक सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी सहित दो नागरिकों की मौत हो गयी थी। इस घटना में कई अन्य लोग घायल हुए थे। स्थानीय रिपोर्टों से संकेत मिला है कि इस ताजा अशांति के बाद राजमार्ग पर वाणिज्यिक और यात्री वाहनों की आवाजाही एक बार फिर गंभीर रूप से प्रभावित हुई है और कई ट्रांसपोर्टरों ने एहतियात के तौर पर अपना परिचालन स्थगित कर दिया है।

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