इंफाल , मई 29 -- मणिपुर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है।
राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी अरुणकुमार सिन्हा ने गुरुवार को बताया कि चुनाव आयोग ने संविधान के अनुच्छेद 324 तथा जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21 के तहत एक जुलाई, 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए इस प्रक्रिया का शुभारंभ किया है।
श्री सिन्हा ने बताया कि पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत 20 से 29 मई तक गणना प्रपत्रों की तैयारी, प्रशिक्षण और मुद्रण का कार्य किया गया, जबकि 30 मई से 28 जून तक बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) घर-घर जाकर मतदाता सत्यापन और गणना प्रपत्र वितरण का कार्य करेंगे।
उन्होंने कहा कि इस एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची की शुद्धता और विश्वसनीयता बनाये रखना है ताकि कोई पात्र नागरिक सूची से वंचित न रहे और कोई अपात्र व्यक्ति इसमें शामिल न हो।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि राज्य, जिला और विधानसभा क्षेत्र स्तर पर मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के साथ बैठकें आयोजित कर पुनरीक्षण प्रक्रिया की जानकारी दी गई है तथा बूथ स्तरीय अभिकर्ताओं (बीएलए) की नियुक्ति सुनिश्चित करने को कहा गया है।
इसके अलावा जिला निर्वाचन अधिकारियों, निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, सहायक निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, बीएलओ पर्यवेक्षकों और बीएलओ को प्रशिक्षण दिया गया है। बीएलए के लिए भी उन्मुखीकरण कार्यशालाएं आयोजित की गयी हैं।
उन्होंने बताया कि राज्य के सभी 16 जिलों में सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां मतदाता पूर्व एसआईआर अभिलेख खोजने, गणना प्रपत्र भरने और जमा करने में सहायता प्राप्त कर सकते हैं।
राज्य के 20.93 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए गणना प्रपत्रों की छपाई भी पूरी कर ली गयी है। गणना चरण के दौरान 2,956 बीएलओ घर-घर जाकर मौजूदा मतदाताओं को आंशिक रूप से भरे हुए गणना प्रपत्रों की दो प्रतियां उपलब्ध कराएंगे। मतदाताओं से स्वयं अथवा अपने परिजनों के पूर्व एसआईआर अभिलेखों का विवरण देने का अनुरोध किया गया है। प्रपत्र की एक प्रति बीएलओ द्वारा एकत्र की जाएगी जबकि दूसरी प्रति रसीद के रूप में मतदाता के पास रहेगी। इस चरण में बीएलओ किसी प्रकार का दस्तावेज एकत्र नहीं करेंगे।
श्री सिन्हा ने बताया कि मतदाता गणना प्रपत्र डाउनलोड कर उन्हें ऑनलाइन भी भर सकते हैं और निर्वाचन आयोग की वेबसाइट तथा ईसीआईनेट मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से अपलोड कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि मतदाताओं की सुविधा के लिए पूर्व एसआईआर अभिलेख खोजने की ऑनलाइन व्यवस्था निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारी, मणिपुर की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई गई है। मतदाता टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 या ऑनलाइन उपलब्ध "बुक अ कॉल विद बीएलओ" सुविधा का भी उपयोग कर सकते हैं।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि जिन मतदाताओं के गणना प्रपत्र प्राप्त नहीं होंगे, उन्हें जांच के बाद अनुपस्थित, स्थानांतरित, मृत अथवा डुप्लीकेट (एएसडीडी) श्रेणियों में चिह्नित किया जाएगा। ऐसी सूची निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के सूचना पट्ट और मुख्य निर्वाचन अधिकारी की वेबसाइट पर प्रदर्शित की जायेगी।
पांच जुलाई से दो सितंबर तक चलने वाले सत्यापन चरण में निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी प्रस्तावित मतदाताओं की पात्रता की जांच करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर सुनवाई के नोटिस जारी करेंगे। किसी भी मतदाता का नाम बिना सुनवाई का अवसर दिए प्रारूप सूची से नहीं हटाया जायेगा।
पांच जुलाई, 2026 को प्रकाशित होने वाली प्रारूप मतदाता सूची में केवल उन्हीं मतदाताओं के नाम शामिल होंगे जिनके गणना प्रपत्र प्राप्त हो चुके होंगे। पांच जुलाई से चार अगस्त तक दावे और आपत्तियां दर्ज कराई जा सकेंगी। जो मतदाता निर्धारित अवधि में गणना प्रपत्र जमा नहीं कर पाएंगे, वे इस अवधि में निर्धारित घोषणा-पत्र के साथ प्रपत्र-6 दाखिल कर सकेंगे।
अंतिम मतदाता सूची छह सितंबर, 2026 को सभी दावों और आपत्तियों के निस्तारण के बाद प्रकाशित की जायेगी। नागरिक इसे मुख्य चुनाव अधिकारी की वेबसाइट से डाउनलोड कर सकेंगे या निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी तथा बूथ स्तरीय अधिकारी के कार्यालय से प्राप्त कर सकेंगे। इसकी प्रतियां राजनीतिक दलों को भी उपलब्ध कराई जायेंगी।
मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी के निर्णय के विरुद्ध जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 24(ए) के तहत जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष अपील की जा सकती है। इसके बाद निर्धारित नियमों के अनुसार मुख्य निर्वाचन अधिकारी के समक्ष भी अपील का प्रावधान है।
उन्होंने सभी हितधारकों से सक्रिय भागीदारी और सहयोग की अपील करते हुए कहा कि यह पुनरीक्षण प्रक्रिया मतदाताओं, राजनीतिक दलों और चुनाव अधिकारियों की साझी भागीदारी पर आधारित है तथा इसका उद्देश्य पारदर्शी और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है।
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