इम्फाल , मई 13 -- मणिपुर के कांगपोकपी जिले में कोटलेन क्षेत्र के पास बुधवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने चर्च के प्रमुख नेताओं सहित तीन लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे जिले में बंद और विरोध प्रदर्शनों के कारण तनाव बढ़ गया है।
पुलिस के अनुसार, अज्ञात हथियारबंद लोगों ने कोटज़िम और कोटलेन गांवों के पास दो वाहनों पर गोलीबारी की, जिससे तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गयी और चार अन्य घायल हो गये। घटना के बाद सुरक्षाकर्मियों ने इलाके में पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मृतकों की पहचान रेवरेंड वी. सितल्हो, रेवरेंड कैगौलेन और पादरी पाओगौलेन के रूप में हुई है। घायलों में से तीन को बाद में इलाज के लिए इम्फाल पश्चिम के शिजा अस्पताल में भर्ती कराया गया। मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह, उपमुख्यमंत्री लोसी दीखो, गृह मंत्री के. गोविंदास और कई अन्य विधायकों ने अस्पताल का दौरा किया और घायलों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभ्य समाज में निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाने वाले उग्रवाद और हिंसा के ऐसे कृत्यों का कोई स्थान नहीं है। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार घायलों के इलाज का सारा खर्च उठायेगी और अधिकारियों को "देखभाल का उच्चतम स्तर" सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
उन्होंने कहा, "हिंसा की यह घटना न केवल परिवारों के लिए बल्कि पूरे राज्य के लिए बेहद परेशान करने वाली और दुखद है, क्योंकि यह हमारी शांति की राह में बाधा डालती है।" उन्होंने कहा कि मणिपुर धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रहा है और शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने का कोई भी प्रयास स्वीकार्य नहीं है।
मुख्यमंत्री ने समाज के सभी वर्गों से संयम बरतने और भावुक प्रतिक्रियाओं से बचने की अपील की। उन्होंने लोगों से समुदायों के आधार पर अपहरण, बंधक बनाने और डराने-धमकाने जैसी घटनाओं को रोकने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि ऐसे कृत्यों से स्थिति और भी खराब होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों और उनके आकाओं को न्याय के दायरे में लाने के लिए राज्य के हर उपलब्ध संसाधन का उपयोग किया जाएगा।
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