इंफाल , मई 26 -- मणिपुर में सुरक्षा बलों की एक संयुक्त टीम ने सोमवार को कांगपोकपी जिले से छह नागा ग्रामीणों के अपहरण से जुड़े एक अभियान के दौरान चार संदिग्ध सशस्त्र कुकी उग्रवादियों को गिरफ्तार किया।
पुलिस ने मंगलवार को बताया कि ग्रामीणों का अपहरण 14 मई को उनके परिवार के सदस्यों के साथ किया गया था। उनके परिवार के 14 सदस्यों को संदिग्ध कुकी उग्रवादियों ने रिहा कर दिया, लेकिन छह ग्रामीणों को नहीं छोड़ा गया।
पुलिस के अनुसार, ये गिरफ्तारियां मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स के कर्मियों द्वारा कांगपोकपी जिले में पी. मोल्डिंग और लेइलोन वाइफेई अंतर-ग्राम सड़क के बीच के क्षेत्र में चलाए गए एक संयुक्त अभियान के दौरान की गईं।
गिरफ्तार किए गए चार व्यक्तियों की पहचान कांगचुप के पटबंग गांव के थांगखोमांग खोंगसाई, न्यू कीथेलमानबी के मोंगबंग टोंगनेह के सेखोलेट खोंगसाई, लुनमिनथांग डिम्न्गेल और कामगौलाल खोंगसाई के रूप में की गयी।
सुरक्षा अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार किए गए व्यक्ति कांगपोकपी जिले में सक्रिय सशस्त्र ग्राम स्वयंसेवी समूहों के सक्रिय सदस्य होने के संदेह में हैं और उन पर जबरन वसूली, आपराधिक धमकी और अवैध रूप से हथियार और गोला-बारूद रखने जैसी असामाजिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप है।
पुलिस ने बताया कि छह नागा ग्रामीणों के अपहरण में चारों आरोपियों की भूमिका भी संदिग्ध है और जांच के दौरान इसका पता लगाया जाएगा। आगे की जांच जारी है।
ये गिरफ्तारियां 13 मई को लेइलोन वाइफेई क्षेत्र से छह नागा पुरुषों के अपहरण के बाद पहाड़ी जिलों में जारी तनाव के बीच हुई हैं। इस घटना ने जवाबी कार्रवाई की एक श्रृंखला को जन्म दिया और राज्य में नागा और कुकी समूहों के बीच तनाव को और गहरा कर दिया। इसके बाद कुकी ग्रामीणों का भी अपहरण किया गया और उन्हें अभी तक रिहा नहीं किया गया है।
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