इंफाल , फरवरी 28 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ मानव पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) टीकाकरण के राष्ट्रव्यापी अभियान के शुभारंभ कार्यक्रम में भाग लिया।
इस अभियान का वर्चुअल शुभारंभ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने राजस्थान के अजमेर से देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में एक साथ किया। यह पहल किशोरियों के लिए निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।यह कार्यक्रम इंफाल पूर्व स्थित जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) के ऑडिटोरियम हॉल में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने राज्य के विभिन्न जिलों के लिए मातृत्व सेवाओं को समर्पित 33 एम्बुलेंस को हरी झंडी दिखाई। ये एम्बुलेंस उत्तर पूर्वी परिषद (एनईसी) द्वारा वित्तपोषित हैं और इन्हें मणिपुर के स्वास्थ्य सेवा निदेशालय ने खरीदा है। इस पहल का उद्देश्य विशेष रूप से दूरस्थ और ग्रामीण क्षेत्रों में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना तथा आपात प्रसूति सेवाओं तक पहुंच में सुधार करना है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने जेएनआईएमएस में बनाए गए पंजीकरण काउंटर, टीकाकरण कक्ष और अवलोकन कक्ष का निरीक्षण किया। उन्होंने डॉक्टरों, नर्सों और लाभार्थियों से बातचीत भी की। प्रतीकात्मक शुभारंभ के तहत उन्होंने एचपीवी टीका प्राप्त करने वाली एक बालिका को टीकाकरण प्रमाणपत्र भी सौंपा। साथ ही उन्होंने संस्थान के आंतरिक मार्गों और आधारभूत संरचना की स्थिति की समीक्षा की।
अपने वर्चुअल संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश की बेटियों के स्वस्थ और समृद्ध भविष्य के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने राष्ट्रव्यापी एचपीवी टीकाकरण अभियान को निवारक स्वास्थ्य क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी पहल बताते हुए कहा कि इससे युवा बालिकाओं को सर्वाइकल कैंसर से सुरक्षा मिलेगी और भविष्य में इस बीमारी का बोझ कम होगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन मानव पैपिलोमा वायरस संक्रमण से बचाव करती है, जो सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण है। सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में होने वाले सबसे आम कैंसरों में से एक है। अभियान मोड रणनीति के तहत 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की बालिकाओं को एकल खुराक (सिंगल डोज) दी जा रही है। इसे भावी पीढ़ियों के स्वास्थ्य संरक्षण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
कार्यक्रम में मंत्री खुरैजाम लोकेन सिंह, डॉक्टरों, नर्सों और अन्य चिकित्सा कर्मियों की उपस्थिति रही।
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