इंफाल , जुलाई 11 -- मणिपुर में कुकी उपद्रवियों की एक बड़ी भीड़ ने शुक्रवार को मैतेई समुदाय के कई घर जला दिए। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इंफाल पश्चिम जिले के कांटो सबल इलाके में कुकी लोगों की एक बड़ी भीड़ द्वारा कम से कम चार खाली घरों में आग लगाने के बाद हिंसा भड़क गई।
अधिकारियों ने कहा कि कांगपोकपी जिले से कुकी लोगों के एक बड़े समूह ने कांटो सबल पहुंच कर घरों में आग लगाना शुरू कर दिया, जिससे दोनों समुदायों के बीच फिर से तनाव पैदा हो गया।
गौरतलब है कि मैतेई समुदाय के ये घर मई 2023 में हिंसा शुरू होने के बाद से ही खाली पड़े थे क्योंकि कुकी उपद्रवियों द्वारा इन पर अक्सर हमले किए जाते थे। ये घर जब जल रहे थे, तो आस-पास के इलाकों से बड़ी संख्या में लोग कांटो सबल की ओर बढ़ने की कोशिश करने लगे लेकिन सेना और केंद्रीय बलों ने उन्हें रोक दिया, जिससे स्थानीय लोगों और सुरक्षाकर्मियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई। सुरक्षा बलों ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे।
कांटो सबल की एक निवासी ने बताया कि लगभग 600 कुकी लोगों ने एक रैली निकाली और कांटो सबल के उन इलाकों में घुस गए जो मैतेई लोगों के लिए प्रतिबंधित थे। उन्होंने इस समूह के पहाड़ी इलाकों से घाटी में आने की बात करते हुए कहा कि इन्होंने खाली घरों में आग लगाई और फिर वापस चला गया। उन्होंने कहा कि जिन मैतेई निवासियों ने घरों को जलते देखा, उन्होंने घटनास्थल तक पहुंचने की कोशिश की लेकिन सुरक्षाबलों ने उन्हें रोक दिया।
रेड शील्ड सैन्य मुख्यालय के पास के सभी गांव खाली करा लिए गए थे और वे भारतीय सेना की सुरक्षा में थे। ग्रामीणों ने सवाल करते हुए पूछा कि गांव में सेना की मौजूदगी के बावजूद उपद्रवी घरों को जलाने में कैसे कामयाब रहे। मणिपुर पुलिस ने कहा कि लगभग 600 लोगों की भीड़ ने कांटो सबल की ओर बढ़ने की कोशिश की और संभावित सांप्रदायिक संघर्ष को रोकने के लिए सुरक्षा बलों ने तुरंत हस्तक्षेप किया। पुलिस ने खाली घरों में आग लगाने की उपद्रवियों की कोशिश को तुरंत रोकने की बात कही, जिससे किसी की जान नहीं गई।
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