इंफाल , फरवरी 14 -- मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने शनिवार को एलान किया कि राज्य सरकार इंफाल पश्चिम के लैम्फेलपट में विश्व स्तरीय पोलो मैदान बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने यहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि हर पोलो खिलाड़ी का हालांकि सपना होता है कि वह मणिपुर में खेले, क्योंकि आधुनिक पोलो की शुरुआत मणिपुर से हुई थी, लेकिन अंतरराष्ट्रीय मानदंड का कोई सही पोलो मैदान यहां नहीं है। यह एलान मैपल कांगजेइबुंग में हुए दूसरे डॉ. क्षैत्रमयूम चौरजीत सिंह अंतर जिला पोलो प्रतियोगिता 2026 के समापन समारोह के दौरान किया गया, जिसे इंफाल मणिपुर घुड़सवारी और पोलो संघ (एमएचआरपीए) ने आयोजित किया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सबको पता है कि पोलो का खेल मणिपुर में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि उन्हें बताया गया है कि मौजूदा मैपल कांगजेइबुंग पोलो मैदान अंतरराष्ट्रीय मैच की मेजबानी करने के लिए ज़रूरी मानदंडों को पूरा नहीं करता है। इसलिए सरकार ने विश्व स्तरीय आधुनिक पोलो मैदान बनाने के लिए लाम्फेलपट में 32 एकड़ ज़मीन तय की है।

श्री खेमचंद सिंह ने इस पहल के लिए अपना पक्का वादा दोहराया और भरोसा दिलाया कि वह कल एमएचआरपीए के संबंधित अधिकारियों और सदस्यों के साथ प्रस्तावित जगह का मुआयना करने और इस सुविधा को बनाने के तरीकों पर बातचीत करने के लिए खुद आयेंगे।

प्रतियोगिता का फाइनल मैच मुख्यमंत्री के पोलो बॉल फेंकने के साथ शुरू हुआ। प्रतियोगिता में कुल दस टीमों ने हिस्सा लिया।

समापन समारोह में श्री चौरजीत सिंह के परिवार के सदस्य एमएचआरपीए के अध्यक्ष एच दिलीप सिंह, तकनीकी अध्यक्ष एन. बेदजीत सिंह, क्ष लक्षसाहेब सिंह और छात्र समेत अन्य लोग शामिल हुए।

फाइनल मैच में एक्स-पोलो क्लब ने चिंगखेई हुंबा पोलो क्लब को कड़े मुकाबले में 6-4 से हराया।

कोंगपाल का प्रतिनिधित्व करने वाले और हल्के नीले रंग की जर्सी में खेलने वाले चिंगखेई हुंबा पोलो क्लब ने पहले चक्कर में तीन गोल कर जोरदार शुरुआत की। बाद के समय में लय को बरकरार नहीं रख पाये और सिर्फ एक और गोल कर चार गोल कर पाये।

नीले रंग की जर्सी पहने वांगकेई के एक्स-पोलो क्लब ने अच्छी वापसी की। पहले चक्कर में कोई गोल नहीं होने के बाद उन्होंने दूसरे में दो, तीसरे में एक और चौथे में दो और गोल किये। पांचवें चक्कर में आखिरी गोल ने उनकी 6-4 से जीत पक्की कर दी।

इस मैच में टी प्रदीप और टी के बसंत ने माउंटेड अंपायरों की भूमिका निभायी। एस उमानंद शर्मा टाइमकीपर रहे, जबकि एल बचमन ने स्कोरर के रूप में अपनी सेवाएं दीं।

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