इम्फाल , जुलाई 20 -- मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की मणिपुर राज्य समिति ने सामाजिक-कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और नयी दिल्ली के जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल पर बैठे छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त करते हुए चल रहे विरोध-प्रदर्शन से निपटने के तरीके की निंदा की है।
मणिपुर माकपा के सचिव क्षेत्रिमयुम सांता ने प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितताओं और बार-बार पेपर लीक होने के खिलाफ इस आंदोलन को भारत के युवाओं के भविष्य की रक्षा के लिए एक 'न्यायपूर्ण और लोकतांत्रिक आंदोलन' बताया।
पार्टी ने विरोध स्थल से श्री वांगचुक को जबरदस्ती हटाने के लिए दिल्ली पुलिस की कड़ी आलोचना करते हुए इसे शांतिपूर्ण आंदोलन का दमन करार दिया। श्री सांता ने सरकार को जबरदस्ती की बजाय प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने की बात कही।
उन्होंने ऐसी कार्रवाई को तुरंत रोकने, प्रदर्शनकारियों के साथ बातचीत करने, परीक्षा पेपर लीक के लिए जवाबदेही तय करने, राष्ट्रीय परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार करने और श्री वांगचुक व उनके साथी सत्याग्रहियों की सुरक्षा और सम्मान की गारंटी की मांग की।
माकपा ने भूख हड़ताल करने वालों के समर्थन में देशभर में हो रहे एकजुटता प्रदर्शनों का भी समर्थन किया और मणिपुर के नागरिक समाज समूहों, छात्र संगठनों, लोकतांत्रिक ताकतों और नागरिकों से छात्रों के अधिकारों और शैक्षिक न्याय की रक्षा के इस प्रयास में शामिल होने की अपील की।
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