गुरदासपुर , फरवरी 26 -- शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने गुरुवार को गुरदासपुर जिले के गांव अधियां में 19 वर्षीयरणजीत सिंह के निवास का दौरा किया। रणजीत सिंह हाल ही में अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास दो पंजाब पुलिस कर्मियों की हत्या से जुड़े पुलिस एनकाउंटरमें मारा गया था।

श्री मजीठिया ने बताया कि अपने माता-पिता की इकलौती संतान रणजीत सिंह इस सप्ताह की शुरुआत में पुराना शाला के पास एक पुलिस ऑपरेशन के दौरान मारा गया था। उसकी मां सुखविंदर कौर और परिवार के सदस्यों ने आरोप लगाया कि उसके बेटे को फर्जी एनकाउंटर में मारा गया है। उन्होंने न्याय और इस घटना की स्वतंत्र जांच की मांग की।

उन्होंने जवाबदेही की मांग करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री और गृह मंत्री भगवंत मान और एडहॉक पुलिस महानिदेशक गौरव यादव के खिलाफ धारा 302के तहत हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की। उन्होंने 'आप' सरकार के कार्यकाल के दौरान हुए सभी एनकाउंटर की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) जांच की भी मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सीमावर्ती क्षेत्रों के युवाओं को सुरक्षा अभियानों के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है, जिससे 90 के दशक की यादें ताजा हो गई हैं जब कई एनकाउंटर बाद में न्यायिक जांच के घेरे में आये थे।

श्री मजीठिया ने आरोप लगाया कि पंजाब में 'दिल्ली से चलने वाली सरकार' के तहत युवा सिखों को निशाना बनाया जा रहा है और सीमावर्ती जिलों में रहने वाले परिवारों में डर फैल रहा है।

परिवार ने आरोप लगाया कि एनकाउंटर के समय इलाके के सीसीटीवी कैमरे रहस्यमय तरीके से बंद हो गये थे, जिससे पुलिस की कहानी पर गंभीर संदेह पैदा होता है।

श्री मजीठिया और विपक्षी नेताओं ने कहा कि पुलिस का यह संस्करण (कि वाहन पलट गया और आरोपी ने भागने की कोशिश में फायरिंग की) बिल्कुल वैसा ही है जैसा कुछ महीने पहले मोहाली के एक मामले में बताया गया था। उन्होंने इन परिस्थितियों के दोहराव पर सवाल उठाए। श्री मजीठिया ने अधियां पुलिस चौकी पर शहीद हुए एएसआई गुरनाम सिंह के घर जाकर भी शोक व्यक्त किया और पीड़ित परिवार के साथ एकजुटता प्रकट की।

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