कोंडागांव , मार्च 27 -- अफीम के पांच मामलों के बाद छत्तीसगढ़ में गांजे के दो खेत मिले हैं। खेतों से हजारों पौधे और गांजे की जब्ती की गई है। गांजे की खेती व्यवसायिक या सिर्फ निजी उपयोग के लिए इसकी जांच जारी है, वैसे दोनों ही मामले अवैध ही है।

एसडीओपी अभिनव उपाध्याय से मिली जानकारी के मुताबिक,जिले के फरसगांव थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पिपरा पंचायत के पावारास में पुलिस ने अवैध गांजा खेती के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 686 नग गांजा के पौधे और करीब 21 किलो तैयार गांजा बरामद किया गया है।

पुलिस के ही मुताबिक,मुखबिर से सूचना प्राप्त होने के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से दबिश दी। मौके पर मक्के की फसल के बीच छुपाकर गांजे की खेती की जा रही थी, ताकि इसे आसानी से नजरों से बचाया जा सके। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दो युवकों को मौके से हिरासत में लिया, जो बाद में पूछताछ में इस अवैध खेती में संलिप्त पाए गए।

एसडीओपी अभिनव उपाध्याय ने बताया कि दोनों आरोपी अलग-अलग खेतों में गांजे की खेती कर रहे थे। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इस गांजे का उपयोग स्वयं के सेवन के लिए कर रहे थे, हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है। बरामद गांजे की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई जा रही है।

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