सरगुजा , अप्रैल 11 -- छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर-रायगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग 43 पर काराबेल के पास बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ शनिवार को प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने ध्वस्त किये गये मकान के पुनर्निर्माण की मांग की है।
गौरतलब है कि मैनपाट के रोपाखार में कथित रूप से शासकीय जमीन पर की गयी बुलडोजर कार्रवाई के खिलाफ ग्रामीण चक्काजाम कर प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे वहां यातायात बाधित रहा।
ग्रामीणों का आरोप है कि रोपाखार क्षेत्र में एक आदिवासी विधवा महिला के मकान को अवैध बताकर बुलडोजर से तोड़ दिया गया, जबकि क्षेत्र के अन्य गांवों में वर्षों से चले आ रहे अतिक्रमण पर कोई कार्रवाई नहीं की गयी है। इस कथित भेदभावपूर्ण कार्रवाई से लोगों में गहरा आक्रोश है।
ग्रामीणों के अनुसार संबंधित महिला को वन अधिकार पत्र भी प्राप्त था, लेकिन दस्तावेज में खसरा नंबर की त्रुटि के कारण उसे परेशानियों का सामना करना पड़ा। महिला द्वारा त्रुटि सुधार के लिए कलेक्टर कार्यालय में आवेदन भी दिया गया था, इसके बावजूद तहसील मैनपाट द्वारा निर्माण को अवैध बताकर ध्वस्त कर दियागया। ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन को पहले दस्तावेजों की जांच कर सुधार करना चाहिए था, न किसीधे बुलडोजर कार्रवाई करनी चाहिए थी।
बुलडोजर कार्रवाई के विरोध में भारतीय जनता पार्टी के मैनपाट मंडल अध्यक्ष गौतम पैकरा ने अपने पद से त्यागपत्र दे दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी विधवा बहन के साथ अन्याय हुआ है और प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण कार्रवाई की है। वर्षों से पार्टी के प्रति समर्पित रहने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला, जिसकी वजह से उन्होंने सभी दायित्वों से इस्तीफा दे दिया।
चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अधिकारी ग्रामीणों से बातचीत कर जाम समाप्त कराने का प्रयास कर रहे हैं। ग्रामीण हालांकि अपनी मांगों पर अड़े हुए थे और मकान पुनर्निर्माण व निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।
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