मऊ , अप्रैल 19 -- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में मानक विहीन स्कूली वाहनों के खिलाफ परिवहन विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। एआरटीओ सुहैल अहमद ने कहा कि सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले स्कूली वाहनों का परमिट निरस्त किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि अभियान की समीक्षा के लिए उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मॉनिटरिंग पोर्टल (यूपी-आईएसवीएमपी) विकसित किया गया है। सभी स्कूलों को इस पोर्टल पर जोड़ा जा रहा है और उनके वाहनों का निरीक्षण भी किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार को भी कार्यालय खुला रखा गया।
निरीक्षण के दौरान स्कूली वाहनों में सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता की जांच की गई। वाहन संचालकों को बताया गया कि प्रत्येक स्कूल वाहन में सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र, स्पीड गवर्नर, फर्स्ट एड बॉक्स, आपातकालीन निकास द्वार, स्कूल का नाम, परिवहन विभाग का हेल्पलाइन नंबर तथा रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप अनिवार्य रूप से होना चाहिए।
जिन वाहनों में कमियां पाई गईं, उनके सुधार के लिए स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया गया। साथ ही वाहन चालकों को सावधानीपूर्वक वाहन चलाने तथा बच्चों को घर से स्कूल और वापस सुरक्षित पहुंचाने के संबंध में जागरूक किया गया। एआरटीओ ने बताया कि रविवार को 10 स्कूली वाहनों की जांच की गई, जिनका डाटा पोर्टल पर अपलोड किया गया। इसके अलावा तीन स्कूली वाहनों का फिटनेस परीक्षण कर प्रमाण पत्र जारी किया गया।
इस अभियान में प्रधान सहायक महमूद अहमद, तारा सिंह चौहान, आनंद कुमार सिंह तथा कनिष्ठ सहायक अमित कुमार भी शामिल रहे।
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