मऊ , अप्रैल 13 -- उत्तर प्रदेश में मऊ जिले की घोसी थाना पुलिस ने खुद को बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) बताकर सरकारी शिक्षकों से ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई थी कि सरकारी विद्यालय में सहायक अध्यापिका के पद पर तैनात उनकी मां को एक व्यक्ति ने फोन कर स्वयं को बीएसए अधिकारी बताया और स्थानांतरण का भय दिखाकर 50 हजार रुपये की मांग की। दबाव में आकर पीड़िता ने बताए गए स्कैनर पर राशि भेज दी। इसके बाद आरोपी का मोबाइल फोन बंद हो गया।
जांच के दौरान पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक एवं भौतिक साक्ष्यों के आधार पर बरेली निवासी नरेन्द्र पाल और सौरभ पाल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे इंटरनेट से शिक्षकों की जानकारी जुटाते थे और फर्जी जांच या ट्रांसफर का डर दिखाकर ठगी करते थे। इसके बाद व्हाट्सएप के माध्यम से स्कैनर भेजकर रकम मंगाई जाती थी।
उन्होने बताया कि गिरोह बैंक खातों की व्यवस्था कर कमीशन के आधार पर ठगी की रकम निकलवाता था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरोह अब तक करीब 90 शिक्षकों को निशाना बनाकर डेढ़ से दो करोड़ रुपये तक की ठगी कर चुका है। दोनों गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित