मऊ , जुलाई 24 -- उत्तर प्रदेश के मऊ जिले में भूमि पैमाइश एवं सीमांकन कार्य को अधिक पारदर्शी और सटीक बनाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी आनंद वर्द्धन ने शुक्रवार को जीएनएसएस-आरटीके आधारित डिजिटल सर्वे तकनीक (रोवर तकनीक) से किए जा रहे सर्वेक्षण का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को भूमि संबंधी कार्यों में आधुनिक तकनीक का अधिकाधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कलेक्ट्रेट परिसर एवं आसपास की भूमि की पैमाइश के दौरान सर्वेक्षण टीम द्वारा जीएनएसएस रोवर उपकरण के माध्यम से किए जा रहे कार्य का निरीक्षण किया और तकनीकी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने बताया कि जीएनएसएस-आरटीके तकनीक के माध्यम से भूमि के विभिन्न बिंदुओं का सटीक डिजिटल लोकेशन डेटा प्राप्त किया जाता है। उपग्रह आधारित सिग्नल और रियल टाइम करेक्शन प्रणाली के जरिए भूमि की सीमाओं का अत्यंत सटीक निर्धारण संभव होता है, जिससे सीमांकन प्रक्रिया अधिक विश्वसनीय और पारदर्शी बनती है।

श्री वर्द्धन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि भूमि पैमाइश एवं सीमांकन के कार्यों में आधुनिक तकनीक का व्यापक उपयोग किया जाए, ताकि भूमि संबंधी विवादों के निस्तारण में तेजी लाई जा सके। उन्होंने कहा कि इस तकनीक के माध्यम से भूमि के प्रत्येक बिंदु का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जा सकता है, जिससे भविष्य में सीमांकन और राजस्व अभिलेखों के सत्यापन में भी सुविधा होगी।

उन्होंने सर्वेक्षण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरा करने तथा सर्वेक्षण से प्राप्त आंकड़ों का सुरक्षित एवं व्यवस्थित डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित पैमाइश से भूमि संबंधी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिकों को सीमांकन एवं पैमाइश से संबंधित सेवाएं अधिक शीघ्रता से उपलब्ध हो सकेंगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि आमजन से जुड़े भूमि पैमाइश एवं सीमांकन के मामलों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण किया जाए। उन्होंने कहा कि आधुनिक तकनीक का उद्देश्य नागरिकों को तेज, सटीक और पारदर्शी सेवाएं उपलब्ध कराना है।

निरीक्षण के दौरान मुख्य राजस्व अधिकारी दिनेश कुमार, अपर जिलाधिकारी प्रवेंद्र कुमार, उप जिलाधिकारी सदर कुंवर सचिन सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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