मिलम/पिथौरागढ़ , जून 21 -- उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर सीमांत जनपद पिथौरागढ़ के सुदूरवर्ती मिलम गांव स्थित भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) की 14वीं वाहिनी परिसर में आयोजित विशेष योग कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।
उन्होंने हिमालय की बर्फाच्छादित चोटियों और प्राकृतिक सौंदर्य के बीच आयोजित इस कार्यक्रम में हिमवीरों और स्थानीय लोगों के साथ सामूहिक योगाभ्यास कर स्वस्थ जीवन का संदेश दिया।
श्रीमती आर्या ने योग कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि नंदा देवी की भव्य चोटियों, मिलम ग्लेशियर और गोरी गंगा की कल-कल बहती धारा के बीच योग करने का अनुभव उनके जीवन के सबसे यादगार क्षणों में से एक है। उन्होंने कहा कि प्रकृति के इस अद्भुत वातावरण में योगाभ्यास करने से मन को अपार शांति, ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव होता है।
उन्होंने कहा कि मिलम गांव तक पहुंचने का सफर कठिन और चुनौतीपूर्ण था। दुर्गम पहाड़ी रास्तों तथा ठंडी हवाओं के बीच जब हिमालय की इस पवित्र धरती पर योग किया गया तो यह अनुभव और भी विशेष बन गया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि मानसिक संतुलन और आत्मिक शांति का भी आधार है।
कैबिनेट मंत्री ने वीर हिमवीरों और स्थानीय लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और प्रयासों से भारत की प्राचीन योग परंपरा को वैश्विक पहचान मिली है। आज योग पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन, एकता और संतुलन का संदेश दे रहा है।
उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा में तैनात जवानों के बीच योग करना उनके लिए गर्व और सम्मान की बात है। हिमालय की इस पावन भूमि पर देश के प्रहरियों के साथ बिताया गया यह अवसर सदैव स्मरणीय रहेगा।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में भगत सिंह कोश्यारी उपस्थित रहे। इस दौरान आईटीबीपी कमांडेंट राम भरत सिंह कुशवाहा, भाजपा जिलाध्यक्ष गिरीश जोशी, जिला पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र प्रताप, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष दीपिका बोहरा, नगर पंचायत अध्यक्ष राजेंद्र पांगती सहित अनेक गणमान्य नागरिक, सैन्य अधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर हिमालय की गोद में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम ने योग, प्रकृति और राष्ट्रसेवा के अद्भुत संगम का संदेश दिया।
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