बेंगलुरु , जुलाई 18 -- कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार को यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे के आवास पर उनसे मुलाकात की।

कांग्रेस के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार, संगठनात्मक पुनर्गठन और आगामी शहरी स्थानीय निकाय चुनावों की तैयारियों को लेकर चल रहे गहन विचार-विमर्श के बीच इस उच्च स्तरीय बातचीत को राजनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब कांग्रेस आलाकमान हाल ही में विधान परिषद चुनावों में पार्टी की जीत के बाद और इस वर्ष के अंत में होने वाले महत्वपूर्ण नागरिक निकाय चुनावों से पहले कर्नाटक के राजनीतिक घटनाक्रमों की बारीकी से समीक्षा कर रहा है।

पार्टी सूत्रों ने बताया कि श्री शिवकुमार ने श्री खरगे को राज्य की राजनीतिक स्थिति, सरकार के कामकाज और कांग्रेस की संगठनात्मक तैयारियों की जानकारी दी। समझा जाता है कि दोनों नेताओं ने जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूत करने की रणनीतियों के अलावा, सरकार और पार्टी संगठन के बीच समन्वय पर भी चर्चा की।

दोनों नेताओं की इस मुलाकात ने लंबे समय से लंबित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलों को भी हवा दे दी है, जिसमें कांग्रेस के कई विधायक मंत्री पद के लिए लामबंदी कर रहे हैं। माना जा रहा है कि कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी में संगठनात्मक नियुक्तियों और स्थानीय निकाय चुनावों के लिए पार्टी के रोडमैप पर भी चर्चा हुई।

श्री खरगे ने हाल ही में संकेत दिया था कि कर्नाटक नेतृत्व और संगठनात्मक मामलों पर निर्णय पार्टी नेतृत्व के साथ परामर्श के बाद ही लिया जायेगा। उन्होंने कहा था, "कोई तारीख तय नहीं है। आलाकमान उचित परामर्श के बाद कोई भी निर्णय सामूहिक रूप से लेगा।"वहीं श्री शिवकुमार ने आंतरिक विचार-विमर्श पर टिप्पणी करने से लगातार इनकार किया था। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व के साथ पिछली बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा था, "समय हर बात का जवाब देगा। हम यहां सरकार के काम, पार्टी के काम और राजनीति के लिए आते हैं।"आज की बैठक के एजेंडे या नतीजे का खुलासा न तो श्री शिवकुमार ने, न ही कांग्रेस ने किया है। पार्टी सूत्रों का कहना है कि यह चर्चा कर्नाटक में शासन, संगठनात्मक मामलों और पार्टी की चुनावी रणनीति की नेतृत्व की ओर से की जा रही निरंतर समीक्षा का हिस्सा है।

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