भोपाल , जुलाई 28 -- मध्यप्रदेश में विकास, बुनियादी ढांचे के विस्तार और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में लगभग 2 हजार 480 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृतियां प्रदान की गईं। बैठक में खेल, सिंचाई, सूचना प्रौद्योगिकी, महिला सशक्तिकरण, कर्मचारी कल्याण और किसान हित से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

मंत्रि-परिषद ने अक्टूबर 2026 में भोपाल में आयोजित होने वाली महिला एशियन हॉकी चैम्पियन्स ट्रॉफी 2026 के लिए 18 करोड़ 74 लाख रुपये की सैद्धांतिक स्वीकृति प्रदान की है। यह अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिता भोपाल के बरखेड़ा नाथू स्थित अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्पलेक्स में आयोजित की जाएगी। प्रतियोगिता में भारत सहित एशिया की छह प्रमुख महिला हॉकी टीमें भारत, चीन, जापान, मलेशिया, दक्षिण कोरिया और थाईलैंड के लगभग 200 खिलाड़ी एवं सपोर्ट स्टाफ के शामिल होने की संभावना है।

बैठक में खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा हॉकी इंडिया को प्रतियोगिता आयोजन के लिए 11 करोड़ रुपये तथा अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए 7 करोड़ 74 लाख रुपये के व्यय को मंजूरी दी गई। सरकार का मानना है कि इस अंतर्राष्ट्रीय आयोजन से प्रदेश की खेल अधोसंरचना को वैश्विक पहचान मिलेगी और मध्यप्रदेश में खेल पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

मंत्रि-परिषद ने सिंगरौली जिले की रिहन्द माइक्रो सिंचाई परियोजना के निरंतर संचालन के लिए 111 करोड़ 4 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इस परियोजना के माध्यम से गोविंद वल्लभ पंत सागर रिजर्वायर से जल लेकर सिंगरौली, माड़ा, वैढ़न और जावद तहसील के 119 गांवों में 38 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।

इसी प्रकार मंदसौर जिले की मल्हारगढ़ दाबयुक्त वृहद उद्वहन सिंचाई परियोजना के संचालन के लिए 184 करोड़ 20 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से जिले में 46 हजार 500 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता विकसित होगी।

प्रदेश में तकनीकी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए मंत्रि-परिषद ने विभिन्न योजनाओं के लिए 857 करोड़ 21 लाख रुपये की स्वीकृति दी है। इसके अंतर्गत भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर) भोपाल में ड्रोन टेक्नोलॉजी आधारित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना के लिए 85 करोड़ 51 लाख रुपये की स्वीकृति शामिल है। यह केंद्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन सिमुलेशन, डिजिटल ट्विन तकनीक, यूएवी डिजाइन, स्वायत्त प्रणालियों और स्टार्टअप इन्क्यूबेशन के क्षेत्र में अनुसंधान को बढ़ावा देगा।

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में आईटी पार्क स्थापना योजना की निरंतरता को भी मंजूरी दी है। योजना के लिए 595 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में स्थापित आईटी पार्कों से तकनीकी निवेश को बढ़ावा मिलेगा और करीब 8 हजार युवाओं को कौशल आधारित रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। सरकार के अनुसार अब तक इन आईटी पार्कों के माध्यम से लगभग 22 हजार युवाओं को रोजगार मिल चुका है।

बैठक में नई तकनीक के लिए एमपीएसईडीसी एवं अन्य संस्थाओं को सहायता योजना के लिए 110 करोड़ रुपये, मध्यप्रदेश स्टेट स्पाटियल डेटा इंफ्रास्ट्रक्चर योजना के लिए 40 करोड़ 20 लाख रुपये और क्लाउड सेवाओं के प्रदाय एवं प्रबंधन के लिए 26 करोड़ 50 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई।

महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए मिशन शक्ति के अंतर्गत संकल्प-हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन, शक्ति सदन और सखी निवास योजनाओं के संचालन के लिए वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक 198 करोड़ 59 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इन योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को जागरूकता, सुरक्षा, पुनर्वास और सुरक्षित आवास की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।

मंत्रि-परिषद ने ग्वालियर में विद्युत सुरक्षा निरीक्षकालय के नवीन वृत्त कार्यालय की स्थापना को भी मंजूरी दी है। इसके साथ ही नौ नवीन पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई है। इससे ग्वालियर-चंबल संभाग के औद्योगिक क्षेत्रों को लाभ मिलेगा।

मंदसौर जिले के नारायणगढ़ में जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश न्यायालय के संचालन के लिए नौ नवीन पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई है। इससे क्षेत्र के लोगों को स्थानीय स्तर पर त्वरित न्याय उपलब्ध हो सकेगा।

प्रशासनिक प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आरसीवीपी नरोन्हा प्रशासन एवं प्रबंधकीय अकादमी के संचालन के लिए 129 करोड़ 12 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई है। इस राशि का उपयोग प्रशिक्षण गतिविधियों, अधोसंरचना विकास और प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार में किया जाएगा।

कर्मचारी हितों से जुड़े निर्णय में पेंशन, भविष्य निधि, बीमा और कर्मचारी कल्याण योजनाओं के संचालन के लिए 982 करोड़ 49 लाख रुपये की मंजूरी दी गई है। इसके अंतर्गत पेंशन संचालनालय, जिला पेंशन कार्यालय, कर्मचारी बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं का संचालन किया जाएगा।

किसानों के हित में समर्थन मूल्य पर उपार्जन करने वाले किसानों को बोनस भुगतान योजना की निरंतरता को भी स्वीकृति दी गई है। इस योजना के लिए 500 करोड़ रुपये से अधिक की राशि निर्धारित की गई है, जो वर्ष 2026 से 2031 तक जारी रहेगी।

इसके अलावा मध्यप्रदेश विधिक माप विज्ञान नियम, 2011 में संशोधन को भी मंजूरी दी गई है। यह संशोधन भारत सरकार द्वारा किए गए विधिक माप विज्ञान अधिनियम में बदलावों को प्रदेश में लागू करने तथा नाप-तौल उपकरणों के सत्यापन शुल्क में संशोधन के उद्देश्य से किया गया है। बैठक में लिए गए निर्णयों से प्रदेश में सिंचाई विस्तार, तकनीकी विकास, रोजगार सृजन, महिला सुरक्षा, खेल अधोसंरचना और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई गई है।

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