बैतूल , जुलाई 31 -- मध्य प्रदेश में मंडी शुल्क बढ़ाए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के नेतृत्व में शुक्रवार को बैतूल कृषि उपज मंडी परिसर में प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडी गेट पर नारेबाजी कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शुल्क वृद्धि का निर्णय तत्काल वापस लेने की मांग की।

प्रदर्शन में महिला कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने भी भाग लिया। उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष धीरेन्द्र (धीरू) शर्मा ने आरोप लगाया कि मंडी शुल्क बढ़ने से किसानों, व्यापारियों, लघु एवं मध्यम उद्योगों तथा उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्होंने कहा कि इससे कृषि उपज के व्यापार की लागत बढ़ेगी, जिसका असर किसानों को मिलने वाले मूल्य और उपभोक्ताओं तक पहुंचने वाली वस्तुओं की कीमतों पर पड़ेगा।

ज्ञापन में कांग्रेस ने आरोप लगाया कि सरकार ने व्यापारिक संगठनों, किसान प्रतिनिधियों और अन्य हितधारकों से चर्चा किए बिना मंडी शुल्क बढ़ाने का निर्णय लिया है। पार्टी का कहना है कि पड़ोसी राज्यों की तुलना में अधिक मंडी शुल्क होने से व्यापार अन्य राज्यों की ओर स्थानांतरित हो सकता है, जिससे प्रदेश में व्यापार, निवेश और रोजगार प्रभावित होंगे।

कांग्रेस ने मंडी शुल्क वृद्धि का निर्णय वापस लेने, किसान एवं व्यापारिक संगठनों से व्यापक चर्चा के बाद नई नीति बनाने, किसानों और व्यापारियों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं डालने वाली व्यापार एवं कृषि नीति लागू करने तथा भविष्य में किसी भी शुल्क वृद्धि से पहले संबंधित पक्षों से विचार-विमर्श करने की मांग की।

प्रदर्शन में प्रदेश सचिव समीर खान, किसान कांग्रेस जिलाध्यक्ष जगदीश गोचरे, जिला कांग्रेस कोषाध्यक्ष लोकेश पगारिया सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो किसानों और व्यापारिक संगठनों के साथ प्रदेशव्यापी लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा।

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