बैतूल , जनवरी 20 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले की कृषि उपज मंडी में व्यापारियों की मनमानी और किसानों के शोषण के आरोप सामने आए हैं। किसानों का कहना है कि मंडी में उचित दाम मांगना अब उनके लिए अपराध बन गया है और खुलेआम उनकी उपज की लूट की जा रही है।
मंगलवार को ग्राम बडोरा निवासी किसान सुरेश गीदकर 40 क्विंटल मक्का लेकर मंडी पहुंचे थे। किसान का आरोप है कि जब उन्होंने अपनी उपज का सही मूल्य मांगा तो व्यापारियों ने उनकी पूरी उपज खरीदने से ही इनकार कर दिया। व्यापारियों ने बेहद कम बोली लगाई और विरोध करने पर नमी होने का हवाला देकर खरीदी से बचते रहे।
किसान का कहना है कि मंडी में न तो नमी जांच की कोई मशीन है और न ही कोई पारदर्शी व्यवस्था, इसके बावजूद अंदाज से ही उपज को नमी वाली बताकर औने-पौने दाम थोप दिए जाते हैं। यह सीधे तौर पर किसानों के अधिकारों का हनन है।
सुरेश गीदकर ने आरोप लगाया कि मंडी में दोहरा सिस्टम चल रहा है। छोटे व्यापारियों को ऊंचे दाम मिल जाते हैं, जबकि किसान जब खुद अपनी उपज लेकर आता है तो जानबूझकर कम कीमत बताकर खरीदी से बचा जाता है। इसे उन्होंने खुला भेदभाव और संगठित शोषण बताया।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि यह स्थिति भाजपा प्रदेश अध्यक्ष की विधानसभा क्षेत्र की मंडी में बनी हुई है। कलेक्टर, एसडीएम और प्रभारी मंत्री कई बार मंडी का निरीक्षण कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद व्यापारियों की मनमानी पर कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो सकी है। इससे प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
किसानों का कहना है कि मंडी अब उनके लिए बाजार नहीं, बल्कि शोषण का अड्डा बनती जा रही है। यदि जल्द ही सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो किसानों का आक्रोश सड़कों पर उतर सकता है।
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