बैतूल , मई 4 -- मध्यप्रदेश के बैतूल स्थित कृषि उपज मंडी में अव्यवस्थाओं का अंबार लग गया है। प्रशासनिक सख्ती और स्पष्ट निर्देशों के बावजूद मंडी परिसर में व्यापारियों द्वारा बड़े पैमाने पर बोरे जमा कर दिए गए हैं, जिससे पूरी व्यवस्था प्रभावित हो रही है और शेड डंपिंग यार्ड में तब्दील होते नजर आ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार रविवार को नीलामी बंद रहने के बावजूद मंडी परिसर में करीब 10 हजार से अधिक बोरे पड़े रहे। शेड के भीतर और बाहर दोनों जगह व्यापारियों के बोरों के ढेर लगे हुए हैं, जिससे स्पष्ट है कि मंडी प्रबंधन वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशों को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर पा रहा है।

सोमवार से मंडी में नई नीलामी व्यवस्था लागू की जानी है, जिसके तहत गेहूं, मक्का और सोयाबीन के लिए अलग-अलग शेड निर्धारित किए गए हैं। किसानों से तय शेड में ही उपज लाने की अपील की गई है, लेकिन अधिकांश शेड पहले से ही व्यापारियों के माल से भरे होने के कारण किसानों के लिए जगह बेहद सीमित रह गई है।

स्थिति यह है कि किसानों को भीषण गर्मी में खुले आसमान के नीचे अपनी उपज रखना पड़ रहा है, जिससे उन्हें असुविधा के साथ-साथ उपज की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका भी है। अव्यवस्था के चलते नई व्यवस्था लागू होने से पहले ही उस पर सवाल उठने लगे हैं।

उल्लेखनीय है कि 17 अप्रैल को एसडीएम एवं मंडी के भारसाधक अधिकारी डॉ. अभिजीत सिंह ने व्यापारियों की बैठक लेकर 24 घंटे के भीतर माल उठाने के निर्देश दिए थे और समय सीमा का पालन नहीं होने पर दंडात्मक कार्रवाई की चेतावनी भी दी थी। इसके बावजूद व्यापारी निर्धारित समय में माल नहीं हटा पाए हैं और उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से मंडी प्रशासन और व्यापारियों के बीच मिलीभगत की आशंका भी जताई जा रही है।

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