रेवाड़ी , अप्रैल 02 -- किसान नेता वेदप्रकाश विद्रोही ने दक्षिणी हरियाणा की मंडियों में गेहूं-सरसों की सरकारी खरीद व्यवस्था को लचर बताते हुये कहा कि रेवाड़ी, बावल और कोसली मंडियों में अव्यवस्था के कारण न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद शुरू नहीं हो पाई है।
श्री विद्रोही ने कहा कि सरकारी दावों और जमीनी हकीकत में बड़ा अंतर है। बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की हालत पहले ही खराब है, ऊपर से खरीद की जटिल शर्तें उनकी परेशानी बढ़ा रही हैं। उन्होंने ट्रॉली फोटो, ट्रैक्टर नंबर और बायोमैट्रिक जैसी शर्तों को अव्यवहारिक बताते हुए कहा कि कई किसानों के पास ट्रैक्टर नहीं है या वे बाहर नौकरी करते हैं।
किसान नेता ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से व्यवस्था सरल बनाने और किसानों को राहत देने की मांग की है।
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