मंगलुरु , जुलाई 12 -- कर्नाटक के दक्षिण कन्नड़ जिले में सूरतकल के पास मुक्का में एक निर्माण स्थल से आठ बंगलादेशी नागरिकों की गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय और राज्य खुफिया एजेंसियों ने बड़े पैमाने पर जांच शुरू की है। पुलिस को एक संगठित सीमा पार घुसपैठ और जाली पहचान पत्र रैकेट का संदेह है।
नौ जुलाई को सत्यापन अभियान के दौरान गिरफ्तार किये गये ये बांग्लादेशी नागरिक पश्चिम बंगाल सीमा के रास्ते भारत में अवैध रूप से दाखिल हुए थे। इसके बाद उन्होंने पश्चिम बंगाल के निवासियों के असली आधार कार्ड की रंगीन फोटोकॉपी में अपनी तस्वीरें लगाकर जाली आधार कार्ड तैयार कराये थे।
बायोमेट्रिक सत्यापन के दौरान इस फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ।
बंगलादेश के राजशाही जिले के रहने वाले इन आरोपियों के खिलाफ कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद डिपोर्टेशन की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है। खुफिया ब्यूरो (आईबी) और राज्य खुफिया विभाग की टीमें अब तटीय कर्नाटक और पड़ोसी उडुपी जिले में सक्रिय इस अवैध नेटवर्क, मानव तस्करी और जाली दस्तावेज मुहैया कराने वाले एजेंटों का पता लगाने में जुटी हैं।
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