मंगलुरु , अप्रैल 27 -- कर्नाटक में मंगलुरु से मैसूर जा रही एक ट्रेन सोमवार को उस समय अचानक 'प्रसूति कक्ष' में बदल गई, जब दक्षिण कन्नड़ जिले में एक महिला को प्रसव वेदना शुरू हो गयी।
प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद ट्रेन को तत्काल बंटवाल तालुक के बी.सी. रोड रेलवे स्टेशन पर रोका गया ताकि महिला को चिकित्सा सहायता मिल सके। हालांकि, संकट के उस समय में आधे घंटे से अधिक समय तक कोई डॉक्टर मौके पर नहीं पहुंच पाया।
चिकित्सा कर्मियों की अनुपस्थिति में ट्रेन में सवार दो महिला सह-यात्री मदद के लिए आगे आईं। अस्पताल की सुविधाओं और उपकरणों से दूर, ट्रेन के शौचालय के संकीर्ण स्थान में उन्होंने महिला का सुरक्षित प्रसव कराया।
रेलवे अधिकारियों ने बाद में पुष्टि की कि प्रसव के बाद मां और बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। रेलवे पुलिस ने तत्काल स्थानांतरण की व्यवस्था की और महिला को प्रसवोत्तर देखभाल के लिए मंगलुरु के सरकारी लेडी गोशेन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया कि प्रसव "चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों" में हुआ था, लेकिन सह-यात्रियों ने उल्लेखनीय सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बताया कि अस्पताल पहुंचने पर दोनों की स्थिति स्थिर थी और मां को किसी भी प्रकार की जटिलता या अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या नहीं हुई।
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