चंडीगढ़ , मई 20 -- पंजाब विजिलेंस ब्यूरो की आर्थिक अपराध शाखा, लुधियाना ने बुधवार को भ्रष्टाचार के एक मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के पूर्व मुख्य प्रबंध निदेशक के डी चौधरी, पूर्व वरिष्ठ अधिशाषी अभियंता संजीव प्रभाकर तथा अमित गर्ग को गिरफ्तार किया।

विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि यह मामला विजिलेंस जांच के निष्कर्षों के आधार पर दर्ज किया गया है, जिसके अनुसार, 66 केवी बसंत एवेन्यू सब-स्टेशन की स्थापना के मामले में बसंत एवेन्यू कॉलोनी के कॉलोनाइजर ने पीएसपीसीएल के संबंधित फील्ड अधिकारियों के साथ मिलीभगत कर अपनी कॉलोनी में करीब 1015 वर्ग गज क्षेत्र में उक्त सब-स्टेशन स्थापित करवाया।

प्रवक्ता ने बताया कि यदि उस समय उच्च अधिकारियों द्वारा कॉलोनाइजर की सभी कॉलोनियों के एनओसी की जांच करवाने और आपस में जुड़ी कॉलोनियों का संयुक्त बिजली लोड निर्धारित करने के निर्देश दिये जाते, तो 66 केवी सब-स्टेशन की पूरी लागत कॉलोनाइजर को वहन करनी पड़ती। उन्होंने कहा कि सब-स्टेशन स्थापना को लेकर बिजली मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन नहीं किया गया। इसके अलावा, यह तथ्य भी प्रस्ताव या बाद की कार्यालयीय टिप्पणियों में दर्ज नहीं किया गया कि 66 केवी बसंत एवेन्यू सब-स्टेशन का कोई पक्का रास्ता नहीं है और यह पक्खोवाल लिंक रोड से लगभग तीन किलोमीटर दूर खेतों में स्थित है।

विजिलेंस के अनुसार, आज भी उक्त सब-स्टेशन अविकसित कॉलोनियों और खेतों के बीच स्थित है तथा वहां तक पहुंचने के लिए कोई पक्का मार्ग उपलब्ध नहीं है। जांच में सामने आया कि तत्कालीन एक्सईएन संजीव प्रभाकर और अन्य फील्ड अधिकारियों द्वारा भेजे गए प्रस्ताव को उस समय के सीएमडी के.डी. चौधरी ने कमियों और आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए मंजूरी दे दी थी, जिससे बसंत एवेन्यू कॉलोनी को सीधा लाभ पहुंचा।

विजिलेंस ब्यूरो ने बताया कि मामले में गिरफ्तार किये गये आरोपियों से पूछताछ जारी है और आगे की जांच की जा रही है।

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