चंडीगढ़ , अगस्त 17 -- हरियाणा सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई में मदद करने वाले शिकायतकर्ताओं को आर्थिक नुकसान से बचाने के लिए हरियाणा सतर्कता ब्यूरो परिक्रामी निधि का गठन किया है। इस निधि से सतर्कता जाल बिछाने के लिए शिकायतकर्ता द्वारा दी गई रिश्वत की राशि की प्रतिपूर्ति की जाएगी।

मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, निधि का प्रबंधन हरियाणा राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो के महानिदेशक करेंगे। प्रतिपूर्ति के लिए जांच अधिकारी प्रस्ताव तैयार कर संबंधित रेंज प्रभारी को भेजेगा। इसके बाद सतर्कता मुख्यालय में गठित समिति मामले की योग्यता के आधार पर अंतिम निर्णय लेगी।

समिति में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक, राज्य सतर्कता एवं भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो के अलावा एक उप महानिरीक्षक और जिला अटॉर्नी/उप जिला अटॉर्नी सदस्य होंगे।

प्रस्ताव मंजूर होने के बाद शिकायतकर्ता को हलफनामा देना होगा कि आपराधिक कार्यवाही पूरी होने पर अदालत से जारी जमानत राशि परिक्रामी निधि में जमा कराई जाएगी। इसके बाद स्वीकृत राशि शिकायतकर्ता के बैंक खाते में भेज दी जाएगी।

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