सहारनपुर , जून 13 -- मध्य प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) द्वारा भोपाल से गिरफ्तार किए गए एक संदिग्ध के सहारनपुर निवासी युवक के संपर्क में होने का मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों का दावा है कि दोनों सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेश स्थित संदिग्ध तत्वों के संपर्क में थे। मामले की जांच जारी है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश एटीएस की भोपाल इकाई ने शुक्रवार को 34 वर्षीय मोहम्मद फराज, पुत्र मोहम्मद फिरोज, निवासी कांग्रेस नगर, वैरनिया रोड, भोपाल को हनुमानगंज थाना क्षेत्र के काजी कैंप से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह करीब पांच-छह वर्ष पूर्व सहारनपुर जनपद के नानौता कस्बे के मोहल्ला अफगानान निवासी मोहम्मद नईम कुरैशी (38) के संपर्क में आया था।
बताया गया कि मध्य प्रदेश एटीएस के अधिकारी राहुल कुमार शर्मा के नेतृत्व में स्थानीय पुलिस और उत्तर प्रदेश एटीएस की टीम ने सहारनपुर के नानौता क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए मोहम्मद नईम कुरैशी को हिरासत में लिया। इसके बाद उसे आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए भोपाल ले जाया गया। भोपाल में दोनों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, प्रारंभिक पड़ताल में कुछ डिजिटल सामग्री, वीडियो और दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है। अधिकारियों का दावा है कि ये सामग्री प्रतिबंधित संगठनों और विदेश स्थित संदिग्ध व्यक्तियों से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, इनकी पुष्टि फोरेंसिक जांच के बाद ही हो सकेगी।
एटीएस सूत्रों के मुताबिक, भोपाल निवासी मोहम्मद फराज एक निजी चिकित्सक के नर्सिंग होम में कार्यरत था। खुफिया एजेंसियों द्वारा उसके मोबाइल फोन और इंटरनेट मीडिया खातों की जांच के दौरान यह तथ्य सामने आया कि वह और सहारनपुर निवासी नईम कुरैशी कथित रूप से ऐसे ऑनलाइन समूहों से जुड़े थे, जिनके तार पाकिस्तान, अफगानिस्तान और अन्य देशों में सक्रिय संदिग्ध तत्वों से जुड़े होने की आशंका है।
दोनों आरोपियों के मोबाइल फोन, डिजिटल उपकरण और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को कब्जे में लेकर उनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद पीडीएफ फाइलों और अन्य दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में दोनों आरोपियों के संपर्क में आए अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर आगे और गिरफ्तारियां की जा सकती हैं।
उल्लेखनीय है कि हाल ही में उत्तर प्रदेश एटीएस ने सहारनपुर जनपद के देवबंद कोतवाली क्षेत्र के बजीटी गांव से एक युवक को विदेशी संदिग्ध संपर्कों के आरोप में हिरासत में लेकर उसके मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए थे।
जांच एजेंसियों ने कहा है कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। आरोपियों के विरुद्ध लगाए गए आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
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