भोपाल , फरवरी 09 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में 90 डिग्री एंगल वाले ऐशबाग ब्रिज के बाद अब एक और हैरान करने वाला मामला सामने आया है। भोपाल शहर के करोंद क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के टावर के ठीक नीचे से सड़क निकाल दी गई है, जिसे लोग मज़ाक में 'एफिल टावर सड़क' कह रहे हैं। यह स्थिति कई वर्षों से बनी हुई है और अब सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

करोंद की विनायक कॉलोनी में खड़े इस हाईटेंशन टावर के नीचे से रोज़ाना पैदल यात्री, कार और दोपहिया वाहन गुजरते हैं। टावर के ऊपर से गुजर रही हाईटेंशन लाइन के कारण हमेशा हादसे की आशंका बनी रहती है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह इलाका पहले खाली था, लेकिन धीरे-धीरे यहां घनी आबादी बस गई है, जिससे खतरा और बढ़ गया है।

स्थानीय निवासीयों ने बताया कि यह टावर उनके वार्ड में कई वर्षों से खड़ा है। पहले आसपास रहवासी बस्ती नहीं थी, लेकिन अब बड़ी संख्या में लोग यहां निवास कर रहे हैं। टावर के नीचे से बड़ी गाड़ियों का निकलना मुश्किल है और बारिश के मौसम में करंट फैलने का डर बना रहता है।

रहवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि राजधानी होने के नाते भोपाल में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। हाईटेंशन लाइन और टावर दोनों को ही सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट किया जाना चाहिए, ताकि किसी बड़े हादसे से बचा जा सके।

इधर, बिजली कंपनी का कहना है कि टावर को दूसरी जगह स्थानांतरित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस संबंध में कई बार चर्चा हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो पाई है। सोशल मीडिया पर मामला सामने आने के बाद यह टावर एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

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