भोपाल , जुलाई 12 -- मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर जारी बहस के बीच राजधानी भोपाल में रविवार को विभिन्न सामाजिक, कानूनी और राजनीतिक संगठनों की सहभागिता से एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें यूसीसी के प्रस्तावित स्वरूप तथा उसके संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक प्रभावों पर विस्तार से चर्चा होगी।

भोपाल के कोहेफिजा स्थित एक शादी हॉल में दोपहर दो बजे से शाम पांच बजे तक आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में विभिन्न मुस्लिम संगठनों, उलेमा, अधिवक्ताओं, बुद्धिजीवियों तथा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के शामिल होने की संभावना है।

बैठक में छत्तीसगढ़ के पूर्व पुलिस महानिदेशक एम.डब्ल्यू. (मोहम्मद वज़ीर) अंसारी, वरिष्ठ अधिवक्ता साजिद अली, भोपाल के पूर्व महापौर दीपचंद यादव तथा एआईएमआईएम मध्यप्रदेश के अध्यक्ष मोहसिन अली खान प्रमुख रूप से मौजूद रहेंगे। सभी वक्ता यूसीसी के संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक पहलुओं पर अपने विचार रखेंगे तथा विभिन्न मुद्दों पर चर्चा करेंगे।

आयोजकों ने भोपाल की विभिन्न तंजीमों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक दलों, उलेमा, अधिवक्ताओं और बुद्धिजीवियों से बैठक में शामिल होकर लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक दायरे में अपने विचार रखने की अपील की है। उनके अनुसार इस संवाद का उद्देश्य यूसीसी जैसे महत्वपूर्ण विषय पर विभिन्न पक्षों के बीच सार्थक विचार-विमर्श को बढ़ावा देना है।

इस बीच, राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने से पहले गठित राज्य स्तरीय समिति को प्राप्त सुझावों में मुस्लिम महिलाओं और पुरुषों की राय में उल्लेखनीय अंतर सामने आया है। समिति को अब तक लगभग साढ़े नौ लाख सुझाव प्राप्त हुए हैं। इनमें मुस्लिम समुदाय से 44 हजार सुझाव शामिल हैं, जिनमें 29 हजार पुरुष और 15 हजार महिलाएं हैं।

प्राप्त आंकड़ों के अनुसार 29 हजार मुस्लिम पुरुषों में से लगभग 11 हजार (38 प्रतिशत) ने यूसीसी का समर्थन किया, जबकि 15 हजार मुस्लिम महिलाओं में से करीब 10 हजार 500 (71 प्रतिशत) ने इसके पक्ष में राय व्यक्त की है।

जानकारों का मानना है कि पैतृक संपत्ति में समान अधिकार, बहुविवाह पर रोक, तीन तलाक की समाप्ति तथा गुजारा भत्ता जैसे मुद्दों पर कानूनी संरक्षण की अपेक्षा के कारण मुस्लिम महिलाओं के बीच यूसीसी के प्रति अपेक्षाकृत अधिक समर्थन देखने को मिला है।

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