भोपाल , अगस्त 13 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुधवार देर रात से गुरुवार तड़के तक कई डेयरियों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर करीब 275 किलो संदिग्ध पनीर जब्त किया है। जब्त पनीर की अनुमानित कीमत करीब 1.10 लाख रुपये बताई गई है। विभाग ने मौके से नमूने लेकर जांच के लिए खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजे हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही पनीर की गुणवत्ता और मानकों के अनुरूप होने की स्थिति स्पष्ट होगी।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा मध्यप्रदेश के निर्देश पर उपभोक्ताओं को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए यह कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने देर रात जैन डेयरी कोलार और गुरुवार तड़के न्यू कृष्णा डेयरी, नादरा बस स्टैंड तथा नेशनल डेयरी का निरीक्षण किया। इसके अलावा सुबह करीब चार बजे से रेलवे स्टेशन, नादरा बस स्टैंड और आईएसबीटी समेत कई स्थानों पर भी जांच की गई।

विभाग की टीम ने भोपाल के लालघाटी स्थित इंडिफ्रेस डेयरी का भी निरीक्षण किया, जहां से मीडियम फैट पनीर का एक नमूना लिया गया और 10 किलो पनीर जब्त किया गया। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध पनीर की गुणवत्ता और स्वरूप को लेकर अधिकारियों को संदेह हुआ। इसके बाद करीब 275 किलो पनीर को नियमानुसार जब्त कर लिया गया। विभाग ने इसके विधिवत नमूने लिए और उन्हें प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा है।

खाद्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि जब्त किए गए पनीर को फिलहाल एनालॉग पनीर घोषित नहीं किया गया है। प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही इसकी संरचना और गुणवत्ता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकलेगा। विभाग यह भी जांच कर रहा है कि कहीं किसी वैकल्पिक या वनस्पति वसा आधारित उत्पाद को पनीर के नाम से तो नहीं बेचा जा रहा था।

यदि जांच में खाद्य सुरक्षा मानकों का उल्लंघन पाया गया तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 तथा लागू नियमों के तहत कार्रवाई की जाएगी। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने शहर में इस तरह के उत्पादों की बिक्री और आपूर्ति पर निगरानी बढ़ा दी है।

इसी कार्रवाई के तहत डेटा कॉलोनी स्थित डी-मार्ट रेडी का भी निरीक्षण किया गया, जहां से पनीर और अन्य दुग्ध उत्पादों के नमूने लिए गए। टीम ने उत्पादों की लेबलिंग, पैकेजिंग, निर्माण और बिक्री से जुड़े दस्तावेजों के साथ उनकी गुणवत्ता की भी जांच की।

विभाग ब्लिंकिट, डी-मार्ट, फ्लिपकार्ट और रिलायंस मॉल समेत ई-कॉमर्स तथा संगठित रिटेल प्लेटफॉर्म पर भी निगरानी कर रहा है। टीम यह जांच रही है कि कहीं एनालॉग या किसी वैकल्पिक उत्पाद को पनीर के नाम पर तो नहीं बेचा जा रहा है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित