भोपाल , जुलाई 29 -- मध्यप्रदेश में मूंग की शत-प्रतिशत सरकारी खरीदी, न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की कानूनी गारंटी, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और खाद वितरण प्रणाली में सुधार की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। मुख्यमंत्री निवास की ओर कूच करने का प्रयास कर रहे किसानों को पुलिस ने वीर सावरकर सेतु के पास रोक दिया, जहां भारी पुलिस बल और बहुस्तरीय बैरिकेडिंग की गई है।
प्रदर्शन के दौरान कुछ किसान बैरिकेडिंग और पुलिस द्वारा खड़ी की गई बसों पर चढ़ गए, जबकि कुछ ने अर्धनग्न होकर विरोध जताया। पुलिस ने समझाइश देकर उन्हें नीचे उतारा। इसके बाद किसान बैरिकेडिंग के समीप बैठकर नारेबाजी करते रहे। प्रदर्शन स्थल पर किसानों ने सरकार की "सद्बुद्धि" के लिए हवन भी किया।
आंदोलन में महिलाओं और युवाओं की भी भागीदारी देखने को मिली। कुछ महिलाओं ने कहा कि उन्हें योजनाओं का लाभ नहीं, बल्कि उनकी मूंग फसल की एमएसपी पर खरीदी चाहिए। वहीं, कुछ युवा अपने किसान परिजनों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए।
किसानों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की अनदेखी कर रही है। उनका कहना है कि जब तक शत-प्रतिशत मूंग खरीदी, एमएसपी की कानूनी गारंटी, ई-टोकन व्यवस्था समाप्त करने और खाद वितरण संबंधी मांगें पूरी नहीं होंगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित की गई है, जो आंदोलनरत किसानों से संवाद करेगी। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों के सकारात्मक सुझावों के प्रति संवेदनशील है, लेकिन आमजन को असुविधा न हो, इसका भी ध्यान रखा जाना चाहिए।
आंदोलन के मद्देनजर होशंगाबाद रोड और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। कई मार्गों पर बैरिकेडिंग और बसें लगाकर यातायात प्रतिबंधित किया गया है, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को देखते हुए नर्मदापुरम रोड स्थित सभी सरकारी एवं निजी विद्यालयों में आज अवकाश घोषित किया गया।
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