भोपाल , सितंबर 21 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की लेकपर्ल कॉलोनी स्थित एक मकान में दतिया में पदस्थ आरटीओ इंस्पेक्टर मीनाक्षी गोखले (35) का शव सोमवार को मिला। उनके सिर पर चोट के निशान थे और शव के पास खून से सना हथौड़ा मिला। मकान मीनाक्षी के दोस्त पवन कुमार द्विवेदी (35) का बताया गया है। मकान से करीब 20 मीटर दूर पेड़ पर पवन का शव फंदे से लटका मिला।

खजूरी सड़क पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पवन मीनाक्षी से शादी करना चाहता था, जबकि मीनाक्षी इसके लिए तैयार नहीं थीं। पुलिस को आशंका है कि इसी बात को लेकर रविवार देर रात दोनों के बीच विवाद हुआ और पवन ने मीनाक्षी के सिर पर हथौड़े से वार किया। इसके बाद उसने मकान से करीब 20 मीटर दूर पेड़ पर फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली।

पुलिस के अनुसार मीनाक्षी की हत्या आंगन में किए जाने की आशंका है। इसके बाद शव को घसीटकर मकान के बाहर वाले कमरे में लाया गया और कमरे को बाहर से लॉक कर दिया गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और एफएसएल टीम से भी जांच कराई। अधिकारियों के अनुसार पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट होगी।

जानकारी के अनुसार मीनाक्षी रविवार शाम करीब सात बजे अपनी दस साल पुरानी सहेली कृतिका और तीन वर्षीय बेटी के साथ भोपाल पहुंची थीं। कृतिका मीनाक्षी के घर के पड़ोस में रहती हैं। रात में कृतिका मीनाक्षी की बेटी के साथ अंदर वाले कमरे में सोई थीं। सोमवार सुबह करीब सात बजे जागने पर उन्होंने बाहर वाले कमरे में मीनाक्षी का शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मीनाक्षी के पति शिक्षक हैं और इंदौर में रहते हैं।

अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त संजीव पाठक के मुताबिक करीब दो वर्ष पहले मीनाक्षी का पति से तलाक हो चुका था। प्रारंभिक जांच में मीनाक्षी और पवन की मुलाकात इंदौर में होने की जानकारी सामने आई है। उस समय मीनाक्षी अविवाहित थीं और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं।

पवन मूल रूप से सीधी जिले का रहने वाला था। वह इंदौर में कोचिंग कक्षाएं चला चुका था और भोपाल के एक निजी संस्थान से एलएलबी की पढ़ाई कर रहा था। पुलिस को पवन की जेब से बैंक पासबुक मिली है। मीनाक्षी के पिता नंदराम गोखले ने बताया कि परिवार पवन को जानता था और अंतरजातीय विवाह के कारण उसके परिवार से बात करना चाहता था।

मीनाक्षी 14 सितंबर को विभाग से तीन दिन की छुट्टी लेकर इंदौर स्थित मायके पहुंची थीं। 17 सितंबर को उन्होंने छुट्टी आगे बढ़वाई और कृतिका को विभागीय पेशी के सिलसिले में जबलपुर उच्च न्यायालय जाने की बात बताई थी। कृतिका भी उनके साथ गई थीं। वही 17 सितंबर की शाम दोनों इंदौर से रवाना होकर पेशी के बाद कटनी स्थित कृतिका के मायके पहुंचीं। वहां एक दिन रुकने के बाद दोनों को इंदौर लौटना था। इसी दौरान मीनाक्षी ने बताया कि भोपाल में उनका दोस्त रहता है और उनके कुछ कपड़े उसके कमरे पर रखे हैं। इसके बाद रविवार रात मीनाक्षी अपनी बेटी और कृतिका के साथ पवन के मकान पर पहुंची थीं, जहां बाद में उनकी हत्या कर दी गई।

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