भोपाल , जुलाई 30 -- मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल की विशेष पॉक्सो न्यायालय ने नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप से जुड़े एक प्रकरण में साक्ष्यों के अभाव में तीनों आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।

विशेष पॉक्सो न्यायालय की अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्रीमती कुमुदिनी पटेल ने लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम (पॉक्सो) की धारा 5(एल), 3/4(2) एवं 6 तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2), 64(2)(एन), 87 एवं 96 के तहत विचाराधीन प्रकरण में यह निर्णय सुनाया।

अभियोजन के अनुसार वर्ष 2024 में अवधपुरी थाना क्षेत्र की 16 वर्षीय बालिका को मुख्य आरोपी द्वारा शादी का झांसा देकर गुना और आसपास के क्षेत्रों में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किए जाने का आरोप था। मामले में दो अन्य व्यक्तियों पर कथित रूप से सहयोग करने का आरोप लगाया गया था।

वही सुनवाई के दौरान पीड़िता ने न्यायालय में दिए अपने बयान में अभियोजन के आरोपों का समर्थन नहीं किया और ऐसी किसी घटना से इनकार कर दिया। जिसके बाद न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों का परीक्षण करने के बाद पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपों को संदेह से परे सिद्ध करने में सफल नहीं हुआ। इसके आधार पर न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दोषमुक्त घोषित करते हुए बरी करने का आदेश पारित किया।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित