धार , जुलाई 31 -- मध्य प्रदेश के धार स्थित भोजशाला परिसर से लगी भूमि पर शुक्रवार को जुमे की नमाज अदा की गई। बारिश और कीचड़ के कारण प्रशासन ने जमीन समतल कर तिरपाल बिछाने की व्यवस्था कराई। इस दौरान कुछ स्थानीय रहवासियों ने संबंधित भूमि को निजी बताते हुए विरोध जताया, जिसे अधिकारियों ने समझाइश देकर शांत कराया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप प्रशासन ने भोजशाला परिसर से सटी भूमि पर नमाज की व्यवस्था की। सुबह से रुक-रुक कर बारिश होने के कारण प्रशासन ने जेसीबी की मदद से जमीन समतल कर तिरपाल बिछाई। दोपहर में निर्धारित समय पर करीब 250 लोगों ने जुमे की नमाज अदा की।

इससे पहले स्थानीय रहवासियों ने संबंधित भूमि को अपनी पुश्तैनी संपत्ति बताते हुए वहां नमाज कराए जाने पर आपत्ति दर्ज कराई। उनका कहना था कि वे लंबे समय से इस भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। प्रशासन ने उनसे संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा और उनकी आपत्तियां सुने जाने का आश्वासन दिया, जिसके बाद स्थिति शांत हो गई।

कमाल मौला वेलफेयर सोसायटी के प्रतिनिधि अब्दुल समद ने बताया कि मूल रूप से खसरा नंबर 611 पर नमाज प्रस्तावित थी, लेकिन वहां अधिक कीचड़ होने के कारण आपसी सहमति से निकटवर्ती खसरा नंबर 612 पर नमाज अदा की गई। उन्होंने कहा कि भविष्य में न्यायालय के किसी भी अंतरिम या अंतिम आदेश का पालन किया जाएगा।

उल्लेखनीय है कि नमाज के लिए उपयुक्त स्थान उपलब्ध कराने के संबंध में मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। प्रशासन ने पहले अन्य स्थान भी चिन्हित किया था, लेकिन आपत्तियों के बाद न्यायालय के निर्देशानुसार वर्तमान व्यवस्था की गई। मामले की अगली सुनवाई पांच अगस्त को निर्धारित है।

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