धार , मई 22 -- मध्यप्रदेश में धार स्थित भोजशाला मामले में उच्च न्यायालय के हालिया फैसले के खिलाफ मुस्लिम पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाते हुए विशेष अनुमति याचिका (एसएलपी) दायर की है। मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों ने शहर में शांति बनाए रखने की अपील भी की है।
कमाल मौला मस्जिद के सदर अब्दुल समद ने शुक्रवार को जारी बयान में कहा कि उच्च न्यायालय के फैसले से मुस्लिम समाज में मायूसी का माहौल है और समुदाय को यह निर्णय एकतरफा महसूस हुआ है। उन्होंने बताया कि फैसले के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में एसएलपी दायर कर दी गई है।
उन्होंने कहा कि वरिष्ठ अधिवक्ता सलमान खुर्शीद मामले को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष मेंशन करेंगे और फैसले पर जल्द स्थगन आदेश की मांग की जाएगी। अब्दुल समद ने कहा कि कमाल मौला मस्जिद में लगभग 700 वर्षों से जुमे की नमाज अदा की जाती रही है और इस परंपरा के प्रभावित होने से समाज में दुख है।
उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज अपनी पूरी लड़ाई संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर लड़ेगा तथा सर्वोच्च न्यायालय पर पूरा भरोसा है। उन्होंने समाज के युवाओं और बुजुर्गों से शांति बनाए रखने, अफवाहों से दूर रहने और कानून-व्यवस्था का पालन करने की अपील की।
अब्दुल समद ने लोगों से अपने-अपने मोहल्लों और स्थानीय मस्जिदों में शांतिपूर्वक इबादत करने तथा कमाल मौला मस्जिद के लिए दुआ करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि समुदाय न्यायपालिका और संविधान में पूर्ण विश्वास रखता है तथा कानूनी और शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखेगा।
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