धार , जुलाई 24 -- मध्यप्रदेश के धार स्थित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर में जुमे की नमाज की व्यवस्था को लेकर प्रशासन और मुस्लिम समाज के प्रतिनिधियों के बीच गुरुवार देर रात हुई बैठक में कोई सहमति नहीं बन सकी। इसके मद्देनजर शुक्रवार को शहर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है और लगभग 350 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सर्वोच्च न्यायालय में शुक्रवार दोपहर प्रस्तावित सुनवाई से पहले प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। जावरा और इंदौर से पुलिस की दो विशेष कंपनियां धार पहुंच चुकी हैं। भोजशाला परिसर, चालीस पीर दरगाह तथा शहर के अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस के मोबाइल और दोपहिया गश्ती दल भी लगातार निगरानी कर रहे हैं।

मौलाना कमालुद्दीन वेलफेयर सोसाइटी के अध्यक्ष अब्दुल समद ने मीडिया से चर्चा में कहा कि प्रशासन ने नमाज के लिए चालीस पीर क्षेत्र में स्थान प्रस्तावित किया था, जो कमाल मौला मस्जिद से लगभग दो किलोमीटर दूर है। उन्होंने कहा कि मुस्लिम पक्ष ने इस स्थान पर आपत्ति दर्ज कराते हुए सर्वोच्च न्यायालय में दायर याचिका में आवेदन प्रस्तुत किया है।

उन्होंने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार नमाज की व्यवस्था निकटतम उपलब्ध स्थान पर की जानी चाहिए और इससे मामले के अंतिम निर्णय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उनका कहना था कि मुस्लिम समाज शुरू से अपनी भूमि पर ही नमाज अदा करने की मांग करता रहा है तथा किसी अन्य भूमि की मांग नहीं कर रहा है।

अब्दुल समद ने आरोप लगाया कि प्रशासन अब तक सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप नमाज की व्यवस्था कराने में सफल नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि गुरुवार रात तक भी समाज को कोई ऐसा स्थान उपलब्ध नहीं कराया गया, जहां नमाज अदा की जा सके।

उन्होंने बताया कि यदि शुक्रवार को सर्वोच्च न्यायालय से कोई नया निर्देश नहीं मिलता है तो समाज के लोग अपने-अपने घरों और मोहल्लों की मस्जिदों में जुमे की नमाज अदा करेंगे। उन्होंने कहा कि मुस्लिम समाज को न्यायालय से राहत मिलने की उम्मीद है और वह न्यायालय के आदेश का पालन करेगा।

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