रांची , मई 18 -- झारखंड प्रदेश राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि राज्य में जेटेट परीक्षा में भोजपुरी, मगही, मैथिली, अंगिका भाषा को शामिल करने को लेकर आज हाई प्रोफ़ाइल कमिटी के द्वारा हुई बैठक जनहित एवं राज्यहित में स्वागत योग्य कदम रहा है।

विशेष कमिटी की बैठक में संबंधित पदाधिकारियों से तथ्य और साक्ष्य जुगाड कर पेश करने का निर्देश दिया गया है। ज्ञातव्य है कि भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका राज्य की क्षेत्रीय भाषा में पूर्व से शामिल था लेकिन विगत समय में झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (जेटेट) में भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भाषा को शामिल नहीं किया गया है।

भोजपुरी मगही भाषा राज्य के पलामू प्रमंडल में मैथिली मिश्रण व अंगिका भाषा संथाल प्रमंडल में बड़े पैमाने में बोली जाती है और बहुसंख्यक आबादी है। रांची जमशेदपुर धनबाद बोकारो कोडरमा गिरिडीह में भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका सहित अन्य भाषाओं के बोलने वाले बड़ी आबादी है।

राजद प्रवक्ता कैलाश यादव ने कहा कि भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका एक भाषाई संस्कृति एवं अस्मिता का विषय है, इसकी पात्रता पर कुछ अधिकारियों द्वारा लगभग लगातार अनदेखी की गई है। जेटेट परीक्षा में भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भाषा को शामिल न करने पर सरकार को सहयोगी दलों का सुझाव के तौर पर कड़ा विरोध का सामना करना पड़ रहा है।

भाषाई अस्मिता एक संवेदनशील विषय है, इसलिए सामाजिक ध्रुवीकरण एवं सामाजिक संस्कृति का सम्मान का ख्याल करते हुए राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भाषाई अस्मिता को देखते हुए जेटेट में शामिल करने को लेकर 5 मंत्रियों की एक विशेष कमिटी का गठन किया है जिसकी आज पहली बैठक हुई है। आज के बैठक के दौरान मंत्री राधाकृष्ण किशोर संजय प्र यादव दीपिका पांडेय सिंह योगेंद्र प्रसाद और सुदिव्य सोनू है।

आज की बैठक में कमिटी द्वारा सकारात्मी रुख का राजद की ओर से स्वागत है। उम्मीद है जल्द ही जनहित और राज्यहित भोजपुरी मगही मैथिली अंगिका भाषा की स्थाई मान्यता के संबंध में ठोस निर्णय लिया जाएगा।

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