बालोद , मार्च 03 -- छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में मानसिक रूप से बीमार (मंदबुद्धि) पत्नी के भोजन नहीं परोसने से नाराज पति ने रस्सी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।
तांदुला नदी किनारे शव मिलने के बाद आरोपी ने पुलिस को गुमराह करते हुए कहा कि वह बीमार थी और गिरकर उसकी मौत हो गई। हालांकि जांच के दौरान हत्या का खुलासा हो गया और मंगलवार शाम आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
दरअसल मामला बालोद थाना क्षेत्र के ग्राम देवी नवागांव का है। यहां की रहने वाली सावित्री बाई निषाद (38) का 23 फरवरी की शाम तांदुला नदी किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला था। इसके बाद 24 फरवरी की सुबह बालोद पुलिस, फॉरेंसिक और साइबर टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की। परीक्षण के दौरान पता चला कि महिला के गले में रस्सी लपेटकर उसकी हत्या की गई थी।
बालोद पुलिस ने जब मामले की जांच की और हत्या की पुष्टि हुई, तब भी आरोपी पति धर्मेंद्र निषाद (43) पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने बताया कि उसकी पत्नी मंदबुद्धि थी और बीमार रहती थी, संभव है कि वह गिरकर मर गई हो।
उसने यह भी कहा कि गिरने के दौरान ही उसके गले में रस्सी फंस गई होगी। आरोपी के इस बयान के आधार पर पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद गहन जांच और लगातार पूछताछ में आरोपी ने हत्या की बात कबूल ली।
आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी पिछले दो वर्षों से मानसिक रूप से अस्वस्थ थी। वह उसकी बुजुर्ग मां, बेटी और उसे खाना नहीं परोसती थी, यहां तक कि खाना भी नहीं बनाती थी। उसकी मां यदि पानी को छू लेती थी तो वह उसे फेंक देती थी। जब वह उससे बात करना चाहता, तो वह घर से निकल जाती थी। बिना बताए बार-बार पुलगांव (दुर्ग) स्थित अपने मायके चली जाती थी। इन बातों से वह परेशान था और मौका मिलते ही उसने उसे मौत के घाट उतार दिया।
बालोद पुलिस के अनुसार आरोपी पत्नी के शौच के लिए घर से निकलते ही गांव के दूसरे रास्ते से खेतों के रास्ते तांदुला नदी किनारे पहुंचा। वहां अरहर के खेत के पास बंधी साड़ी को फाड़कर उसने रस्सी (फंदा) बनाया और उसी से पत्नी का गला घोंट दिया। वारदात के बाद वह तालाब में नहाकर घर लौट गया।
हत्या के बाद आरोपी अपने ऊपर संदेह न हो, इसलिए गांव में रिश्तेदारों के यहां पत्नी को ढूंढने का नाटक किया। उसने अपने साले को फोन कर पूछा कि क्या उसकी पत्नी मायके गई है।
शाम को गांव की महिलाओं ने झाड़ियों में महिला को देखा और इसकी सूचना उनके घर पहुंचाई। इसके बाद आरोपी अकेले नहीं गया, बल्कि गांव के रिश्तेदार तिलक राम निषाद के साथ मौके पर पहुंचा। वहां सावित्री को छूकर देखा और कहा कि वह अब जीवित नहीं है। इसके बाद उसने मोबाइल से फोटो लेकर गांव के सरपंच को भेजा। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी।
23 फरवरी की शाम जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो सावित्री की चप्पल पास में ही उल्टी पड़ी मिली। एक हाथ की चूड़ी टूटी हुई थी, जबकि दूसरे हाथ की मुट्ठी में जमीन की घास और मिट्टी दबी हुई थी। संदेह के आधार पर बालोद टीआई शिशुपाल सिन्हा ने शव को कब्जे में लेकर रात भर जवानों की ड्यूटी लगा दी। दूसरे दिन जांच के बाद हत्या की पुष्टि हो गई।
बालोद एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि शव के पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि होते ही बालोद थाने में बीएनएस की धारा 103 के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। पत्नी की हत्या के बाद आरोपी पति लगातार अपने परिवार, ग्रामीणों और पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन साक्ष्यों के आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आज उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से शाम को उसे जेल भेज दिया गया।
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