लखनऊ , मई 14 -- समाजवादी पार्टी (सपा) संस्थापक मुलायम सिंह यादव के छोटे बेटे और भाजपा नेत्री अपर्णा यादव के पति प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार गुरुवार सुबह 11:30 बजे लखनऊ में गोमती किनारे भैंसाकुंड घाट पर किया जाएगा। 38 वर्षीय प्रतीक का बुधवार सुबह निधन हो गया था।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के मुताबिक फेफड़े की मुख्य नस में खून का थक्का फंसने से ऑक्सीजन स्तर कम हो गया, जिससे प्रतीक की मौत हुई। इसे मेडिकल भाषा में पल्मोनरी एम्बोलिज्म कहते हैं। इसमें खून का थक्का पैरों की नसों से निकलकर फेफड़ों की धमनियों में फंस जाता है। इससे ऑक्सीजन का प्रवाह रुक जाता है और दिल के दाहिने हिस्से पर दबाव बढ़ने से हार्ट फेल हो सकता है। डॉक्टरों के अनुसार बड़ा क्लॉट होने से कुछ ही मिनटों में प्रतीक की सांसें रुक गईं।

रिपोर्ट में प्रतीक के शरीर पर चोटों के छह निशान भी मिले हैं। इन्हें मौत से पहले का बताया गया है। मौत को संदिग्ध मानते हुए पुलिस ने हार्ट और विसरा सैंपल जांच के लिए सुरक्षित रख लिया है। पुलिस उपायुक्त मध्य विक्रांत वीर, गौतमपल्ली थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं।

परिजनों और करीबियों के मुताबिक बुधवार तड़के करीब साढ़े चार बजे प्रतीक की तबीयत बिगड़ी। वह पानी पीने के लिए किचन में गए और वहीं बेहोश होकर गिर गए। ड्राइवर ने तुरंत उनके साले अमन बिष्ट को फोन किया। सिविल अस्पताल की इमरजेंसी से डॉक्टर घर पहुंचे। हालत ठीक न होने पर एंबुलेंस से प्रतीक को सिविल अस्पताल लाया गया। वहां ईसीजी समेत अन्य जांचों के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

प्रतीक की मौत की सूचना पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव, भाजपा और सपा के तमाम नेता पोस्टमॉर्टम हाउस पहुंचे। दलगत राजनीति से ऊपर उठकर सभी दलों के नेताओं ने घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी और परिजनों को ढांढस बंधाया। बुधवार शाम को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी अपर्णा के घर पहुंचकर श्रद्धांजलि दी थी। श्रद्धांजलि देने वालों में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, सांसद डिंपल यादव, सांसद धर्मेंद्र यादव, भाजपा संगठन मंत्री धर्मपाल सिंह, सांसद साक्षी महाराज और शिवपाल यादव शामिल रहे।

घटना के समय प्रतीक की पत्नी और राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव शहर से बाहर थीं। वह मंगलवार को असम में मुख्यमंत्री के शपथ ग्रहण समारोह में गई थीं। सूचना मिलते ही वह बुधवार दोपहर लखनऊ पहुंच गईं। सैफई और इटावा से भी मुलायम परिवार के लोग लखनऊ पहुंच गए हैं। प्रतीक यादव रियल एस्टेट और फिटनेस कारोबार से जुड़े थे। वह लखनऊ में 'द फिटनेस प्लेनेट' जिम और 'जीव आश्रय' संस्था चलाते थे। राजनीति से दूर रहने वाले प्रतीक की आकस्मिक मौत से पूरे यादव परिवार में शोक की लहर है।

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