बैतूल , मई 19 -- मध्यप्रदेश के बैतूल जिले के भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सड़क दुर्घटना में घायल दो युवकों की मृत्यु के बाद हुए विवाद ने राजनीतिक रूप ले लिया है। कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय विनोद डागा ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर चिकित्सक की शिकायत पर दर्ज एफआईआर की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है।

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार घटना 11 मई की है। भैंसदेही-बरहापुर-झल्लार मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने टक्कर में पोहर निवासी जगदीश अड़लक और मालेगांव निवासी अंकुष वाघमारे गंभीर रूप से घायल हो गए थे। दोनों को उपचार के लिए भैंसदेही सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया, जहां उनकी मृत्यु हो गई। दुर्घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए थे।

दो युवकों की मृत्यु की सूचना मिलते ही परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। उपचार में देरी के आरोपों को लेकर अस्पताल परिसर में आक्रोश फैल गया और हंगामे की स्थिति बन गई। इसी दौरान ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सक और कुछ लोगों के बीच तीखी बहस हुई।

घटना के बाद चिकित्सक डॉ. अभिषेक भलावी की शिकायत पर थाना भैंसदेही में प्रशांत वागद्रे, मनोज कापसे, मनीष नावंगे, दिनेश कोसे, धनराज वाघमारे, रूपेश कापसे और दिनेश वाघमारे के खिलाफ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम सहित अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष निलय विनोद डागा ने कहा कि घटना के समय माहौल अत्यंत तनावपूर्ण था और बड़ी संख्या में लोग अपने परिजनों की मृत्यु से आहत थे। ऐसे में दर्ज प्रकरण की निष्पक्ष जांच आवश्यक है, ताकि तथ्यों के आधार पर यह स्पष्ट हो सके कि किन लोगों की क्या भूमिका थी।

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