कपूरथला , जनवरी 20 -- पंजाब के कपूरथला जिले में भू-जल के संरक्षण के लिए 31 मई, 2026 तक रिचार्ज सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके माध्यम से बारिश के पानी का संरक्षण और पानी की बेकार इस्तेमाल को रोकने के लिए लोगों को जागरूक किया जाएगा।

इस संबंध में जिला उपायुक्त अमित कुमार पंचाल द्वारा मंगलवार को जल शक्ति अभियान के तहत पानी के संरक्षण के लिए किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गयी। उन्होंने कहा कि जल शक्ति मंत्रालय द्वारा गांव स्तर पर 'फीजिबिलिटी मैप' (संभावना नक्शे) तैयार किये गये हैं, ताकि सही जगहों पर रिचार्ज सिस्टम लगाये जा सकें। उन्होंने कहा कि नडाला और बेगोवाल जैसे कस्बों के लिए विशेष योजनायें तैयार की जा रही हैं।

उपायुक्त ने कहा कि केंद्रीय भू-जल बोर्ड की ताजा रिपोर्ट के अनुसार कपूरथला जिले में धरती के नीचे के पानी की स्थिति बेहद चिंताजनक हो गयी है।

रिपोर्ट के मुताबिक जिले के सभी पांच प्रशासकीय ब्लॉक, ढिलवां, कपूरथला, नडाला, फगवाड़ा और सुल्तानपुर लोधी को 'ओवर-एक्सप्लॉइटेड' (अति-शोषित) घोषित किया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में पानी का स्तर हर साल 1.09 से 1.46 मीटर की दर से नीचे जा रहा है।

श्री पांचाल ने 'जल संचय जन भागीदारी मुहिम' के तहत पानी के पुनर्भरण के लिए तुरंत कदम उठाने की अपील करते हुए कहा कि पानी ही जीवन का आधार है, जिसके लिए हमें पानी के संरक्षण के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि जल संचय जन भागीदारी प्रोग्राम के तहत कपूरथला जैसे पानी की कमी वाले जिलों के लिए विशेष फंडों का प्रबंध किया जा रहा है।

नयी हिदायतों के अनुसार, मनरेगा का 65 प्रतिशत धन अब पानी के संरक्षण और पुनर्भरण संरचना बनाने पर खर्च किया जायेगा। सरकार ने लक्ष्य रखा है कि सभी जिले 31 मई 2026 तक रिचार्ज सिस्टम तैयार करेंगे।

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