अंबिकापुर, फरवरी 24 -- छत्तीसगढ के अंबिकापुर में कोतवाली थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति के साथ भूमि खरीदने के नाम पर हुई दो लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक जाली मुख्तारनामा (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) भी बरामद किया गया है। गिरफ्त में आए आरोपी को अदालती आदेश पर न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
पुलिस से आज (मंगलवार) मिली जानकारी के अनुसार,थाना कोतवाली में दर्ज रिपोर्ट के अनुसार, प्रार्थी प्रितपाल सिंह, निवासी चर्च रोड केदारपुर अंबिकापुर ने पुलिस को बताया कि मीना और देवपति के नाम पर लटोरी तहसील के ग्राम मोरभंज (जिला सूरजपुर) में एक भूमि थी। इस भूमि के एक अधिकार पत्र (उपपंजीकृत) के आधार पर आरोपी राजेश कुमार पाण्डेय ने 21 जुलाई 2022 को प्रार्थी के साथ वह जमीन बेचने का सौदा तय किया। कुल 35 लाख रुपए में तय हुए इस सौदे में प्रार्थी ने आरोपी को अग्रिम राशि के तौर पर दो लाख रुपए चेक के माध्यम से दे दिए।
आरोपी ने प्रार्थी को भरोसा दिलाया था कि वह बिक्री से जुड़ी सारी कार्रवाई पूरी कर उनके पक्ष में रजिस्ट्री करा देगा। लेकिन जब प्रार्थी ने इस मामले की जांच-पड़ताल की तो पता चला कि असली मालिकों ने आरोपी के पक्ष में कोई अधिकार पत्र नहीं बनाया था। आरोपी ने किसी और की जमीन को अपना बता कर प्रार्थी से दो लाख रुपए ऐंठ लिए। रुपए वापस मांगने पर आरोपी टालमटोल करता रहा। प्रार्थी की शिकायत पर थाना कोतवाली में भादवि की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस ने प्रार्थी और गवाहों के बयान दर्ज किए। प्रार्थी द्वारा उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों की जांच में पाया गया कि आरोपी ने 21 जुलाई 2022 को प्रार्थी को कूटरचित अधिकार पत्र दिखाकर अनुबंध किया था, जबकि असली भूमि स्वामी देवमति से आरोपी ने मुख्तारनामा (जनरल पावर ऑफ अटॉर्नी) 6 मार्च 2023 को लिया था। इससे साफ हो गया कि आरोपी ने सौदे के समय फर्जी दस्तावेज का इस्तेमाल किया था। इसके बाद मामले में धारा 467, 468 और 471 भादवि बढ़ाई गईं।
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