रामगढ़ , सितंबर 02 -- झारखंड के रामगढ़ में भूमि अधिग्रहण मुआवजा राशि का भुगतान नहीं किए जाने के मामले में उपायुक्त की चल संपत्तियों के साथ सरकारी वाहन को कुर्क करने का आदेश जारी किया गया है।
रामगढ़ के सिविल जज (सीनियर डिवीजन)-II सह विशेष न्यायाधीश (एल.ए.) शिवेन्दु त्रिवेदी की अदालत ने भूमि अधिग्रहण मुआवजा से जुड़े दो मामलों में बकाया राशि की वसूली के लिए यह आदेश दिया है।
अदालत के आदेश के अनुसार, दोनों मामलों से संबंधित भूमि का अधिग्रहण रक्षा मंत्रालय से संबंधित रामगढ़ कैंट, रामगढ़ के विस्तार के लिए किया गया था। इसके बाद वर्ष 2008 में पारित अवार्ड के तहत अवार्डधारकों/याचिकाकर्ताओं को मूल मुआवजा राशि के साथ 15 प्रतिशत वार्षिक ब्याज का भुगतान किया जाना था।
पहला मामला लैंड रेफरेंस केस संख्या 33/1990, संबंधित लैंड एक्विजिशन केस संख्या 01/1983-84 तथा लैंड एक्विजिशन एग्जीक्यूशन केस संख्या 01/2023 से संबंधित है। अदालत ने कहा कि अवार्ड के बावजूद अब तक अवार्डधारकों/याचिकाकर्ताओं को कुल 1,02,95,279.51 रुपये का भुगतान नहीं किया गया है।
दूसरा मामला लैंड रेफरेंस केस संख्या 34/1990, संबंधित लैंड एक्विजिशन केस संख्या 16/1987-88 तथा लैंड एक्विजिशन एग्जीक्यूशन केस संख्या 02/2023 से जुड़ा है। इस मामले में अदालत के अनुसार अवार्डधारकों/याचिकाकर्ताओं की 3,72,42,295.31 रुपये की राशि अब तक बकाया है। इस तरह दोनों मामलों में कुल 4,75,37,574.82 रुपये की राशि का भुगतान लंबित है।
अदालत ने बेलीफ को निर्देश दिया है कि वह उपायुक्त, रामगढ़ से संबंधित सरकारी वाहन सहित अन्य चल संपत्तियों को कुर्क करने के आदेश का तामिला कर इसकी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करें। बेलीफ को वारंट के निष्पादन की रिपोर्ट 7 सितंबर 2026 तक प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
अदालत के आदेश के बाद 2 सितंबर 2026 को कुर्की वारंट जारी किया गया है। मामले में अब वारंट के निष्पादन और बेलीफ की रिपोर्ट पर नजर रहेगी।
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