पटना, सितंबर 22 -- िन्दुस्तानी अवाम मोर्चा (से.) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं लघु जल संसाधन मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने कहा कि भूमिहीन परिवारों की पीड़ा को वही बेहतर समझ सकता है, जिसने इस अभाव को करीब से देखा और महसूस किया हो। डॉ. संतोष कुमार सुमन ने आज बयान जारी कर कहा कि बिहार में बड़ी संख्या में गरीब परिवार वर्षों से अपनी जमीन और स्थायी आशियाने की चिंता के साथ जीवन जीते रहे हैं। इसलिए 'अभियान बसेरा' के माध्यम से इन परिवारों को वासभूमि उपलब्ध कराने की पहल उनके दर्द को समझने और उसका समाधान करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

मंत्री ने इस संवेदनशील विषय को समझने और गरीब परिवारों की जरूरत को प्राथमिकता देने के लिए बिहार सरकार और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि 22 सितंबर से पंचायत स्तर पर विशेष शिविरों के माध्यम से पात्र भूमिहीन परिवारों से आवेदन लेने की व्यवस्था की गई है, जिससे जरूरतमंद लोगों को अपने ही क्षेत्र में आवेदन करने की सुविधा मिलेगी। यह पहल बताती है कि सरकार गरीबों की समस्या को केवल आंकड़ों के रूप में नहीं, बल्कि उनके जीवन की वास्तविक कठिनाई के रूप में देख रही है।

डॉ. सुमन ने कहा कि जिसके पास अपनी जमीन नहीं होती, उसके लिए जमीन का एक छोटा-सा टुकड़ा भी बहुत बड़ी उम्मीद होती है। 'अभियान बसेरा' के माध्यम से पात्र परिवारों को वासभूमि मिलना उनके बच्चों के भविष्य, परिवार की सुरक्षा और सामाजिक सम्मान से जुड़ा विषय है। उन्होंने कहा कि सरकार की इस पहल का लाभ अंतिम पायदान पर खड़े हर पात्र परिवार तक पहुंचे और किसी भी जरूरतमंद को जानकारी या प्रक्रिया के अभाव में वंचित न होना पड़े, यही इस अभियान की सफलता होगी।

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